पश्चिम जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अक्षत कौशल ने बताया कि 23 मार्च को पश्चिम दिल्ली में रहने वाले एक व्यक्ति ने साइबर थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि वह एक राष्ट्रीय बैंक में वरिष्ठ मैनेजर के पद पर तैनात हैं। उनका फेसबुक पर अकाउंट है। पिछले माह एक अंजान लड़की ने उनसे फेसबुक पर दोस्ती की थी।
महिला ने खुद को अकेला और नौकरी पेशा बताया। इसके बाद दोनों ने चैट शुरू कर दिया। महिला ने खुद को परेशानी में बताकर पीड़ित से दो बार तीन-तीन हजार रुपये अपने नंबर पर मंगाए। इसके बाद दोनों और अच्छे से बात करने लगे। 19 मार्च को पीड़ित के पास महिला का वीडियो कॉल आया।
कॉल उठाते ही बातचीत के बाद महिला ने अपने कपड़े उतारकर पीड़ित को भी कपड़े उतारने के लिए उकसाया। इसके बाद पीड़ित ने भी ऐसा किया। अगले दिन पीड़ित के पास एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के बारे में खूब डराया। इसके बाद यू-ट्यूब अधिकारी बनकर भी कॉल आया।
पीड़ित को वीडियो डिलीट कराने के बदले आरोपियों ने उससे धीरे-धीरे 11.93 लाख रुपये वसूल लिये। पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना प्रभारी एसीपी रविंद्र अहलावत व अन्यों की टीम ने छानबीन शुरू की। आरोपी की सीडीआर, टेक्निकल सर्विलांस के अलावा बैंक खातों की पड़ताल की गई।
बाद में पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे अलवर से दबोच लिया। आरोपी ने बताया कि वह अपने साले के साथ मिलकर पिछले काफी समय से सेक्सटॉर्शन का धंधा कर रहा था। आरोपी मोबाइल और सिमकार्ड का इंतजाम पश्चिम बंगाल से करवाते थे। रुपयों के लिए किराए के खातों का इंतजाम किया जा रहा था। पुलिस अब्दुल से पूछताछ कर उसके साले तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।