दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मंगलवार को आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मौजूद दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से तैयारियों के बारे में जानकारी ली गई। बैठक में पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक मौजूद थे।
दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (अपराध) प्रवीर रंजन ने कानून व्यवस्था की स्थिति के बारे में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें प्री मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट, प्री नोमिनेशन, नामांकन और चुनाव प्रचार, मतदान की तारीख और विजयी जुलूस जैसे प्रमुख बिंदु शामिल थे।
साथ ही यह भी बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 22 दिसंबर तक जघन्य अपराधों में 8.74 प्रतिशत की कमी आई है। जघन्य अपराधों को हल करने की दर 93.89 प्रतिशत रही, जोकि पिछले वर्ष 90.12 प्रतिशत थी।
बैठक में उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए कि वह अपराध के मूल कारणों पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाने के लिए अपराध के सामाजिक और आर्थिक कारणों का सांख्यकी विश्लेषण करे जिससे शहर को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके। दिल्ली पुलिस ने चुनाव प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित करने के लिए पर्याप्त बल की मांग की गई है।
दिल्ली पुलिस ने भीड़ और दंगा नियंत्रण जैसे विषयों की तैयारियों के बारे में भी जानकारी दी। बताया कि दिल्ली पुलिस विभिन्न मौकों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गैर घातक उपायों के प्रयोग को और उन्नत करने के लिए कार्य कर रही है।
दिल्ली में मतदाताओं की संख्या भी बढ़ी
दिल्ली चुनाव आयोग के अनुसार इस बार विधानसभा चुनाव में काफी नए मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। नई मतदाता सूची के अनुसार दिल्ली में मतदाताओं की संख्या 1,46,92,136 हैं, जिनमें 80,55,686 पुरुष , 66,35,635 महिलाएं और 815 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं।
आयोग ने यह भी बताया कि जो मतदाता पहली बार इस चुनाव में अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे उन 2 लाख से ज्यादा युवाओं की संख्या 18 से 20 वर्ष के बीच है। जल्द ही आयोग की ओर से मतदाताओं की पूरी जानकारी निर्वाचन आयोग को सौंपी जाएगी।