पकड़े गए आरोपी की पहचान उत्तम नगर निवासी दिलशाद (35) और मुजफ्फरनगर, यूपी निवासी मो. रफी उर्फ भूरा उर्फ डॉक्टर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर पांच लग्जरी गाड़ी बरामद की है। दिलशाद टोटल लॉस गाड़ियों के पेपर के आधार पर कारें चोरी करता था। बाद में उनको एक लाख से दो लाख के बीच मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, यूपी, पंजाब और जम्मू एवं कश्मीर के रिसीवर को बेच देता था। दिलशाद के खिलाफ यूपी में 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह वर्ष 2016 से अब तक 250 से अधिक कारें चोरी कर बेच चुका है।
मध्य जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया पिछले काफी समय से दिल्ली-एनसीआर में लगातार लग्जरी कारें चोरी हो रही थीं। लोकल पुलिस के अलावा मध्य जिला एएटीएस इंचार्ज इंस्पेक्टर संदीप गोदारा व अन्यों की टीम इसकी पड़ताल में जुटी थी। छानबीन के दौरान पुलिस ने नामी वाहन चोर दिलशाद की जानकारी जुटाई। वह दिल्ली में गाड़ी चोरी करने के अलावा यूपी पुलिस से छिपकर यहां रह रहा था। मध्य जिला पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि 22 जुलाई को एएटीएस की टीम ने दिलशाद को उत्तम नगर से गिरफ्तार कर लिया। वारदात के समय वह क्रेटा कार में सवार था। छानबीन के दौरान गाड़ी कल्याणपुरी इलाके से चोरी मिली। आरोपी कार पर नंबर प्लेट लगाकर उसे दिल्ली से बाहर ले जाने की तैयारी में था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर से कार चोरी करने के बाद वह ज्यादातर मुजफ्फरनगर के रिसीवर मो. रफी को बेचता है। एक टीम को फौरन मुजफ्फरनगर नगर भेजकर उसे दबोच लिया गया। उसकी निशानदेही पर चार और लग्जरी गाड़ियां बरामद हुईं।
ऐसे गाड़ियां चोरी कर लगाते थे ठिकाने...
पुलिस की पूछताछ में दिलशाद ने बताया कि चोरी की कारों को खरीदने वाले रिसीवर उसे टोटल लॉस (एक्सिडेंट में पूरी तरह खत्म हो चुकी गाड़ियां) गाड़ियों के पेपर खरीदकर भेज देते थे। इसके बाद दिलशाद उन पेपर के आधार पर गाड़ियां चोरी कर लेता था। बाद में चोरी की इन गाड़ियों पर टोटल लॉस गाड़ियों की असली नंबर प्लेट लगाकर बड़ी ही आसानी से दिल्ली से बाहर ले जाता था। इसके बदले वह एक लाख से दो लाख तक की रकम लेता था। कई राज्य के रिसीवर इससे चोरी की गाड़ियां खरीदते थे। आरोपी पिछले छह सालों में अब तक 250 से गाड़ियां चोरी करके बेच चुका है।