परेशान होकर उसने मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई। सबसे पहले उन खातों की जांच की गई जिनमें रकम ट्रांसफर हुई थी। छानबीन से पता चला कि रकम एक अन्य निजी ट्रैवल कंपनी में ट्रांसफर हुई थी। छानबीन में पुलिस को पता चला कि आरोपी ने वेबसाइट को बढ़ावा देने के लिए गूगल सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन भी लिया हुआ है।
इसकी मदद से जब भी कोई टिकट करवाने के लिए वेबसाइट की सर्च करेगा तो सबसे ऊपर इसकी ही वेबसाइट दिखाई देगी। छानबीन के बाद पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार को सेक्टर-4 द्वारका से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह अब तक देशभर के 90 से अधिक लोगों को चूना लगा चुका है।
अविरल ने बताया कि उसने बीबीए करने के बाद एमबीए किया। इसके बाद उसने अपना कारोबार शुरू कर लिया। वर्ष 2017 में उसने अपनी ट्रैवल कंपनी शुरू कर दी। इसके बाद फर्जी वेबसाइट बनाकर वह ठगी करना शुरू कर दिया। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। यह भी पता करने का प्रयास किया जा रहा है कि उसके साथ ठगी की वारदात में और कौन-कौन शामिल है।