भदोही, यूपी के एक छोटे से गांव रायपुर नीदूर के रहने वाले पाहुल (32) के शातिर दिमाग को देखकर दिल्ली पुलिस हैरान है। पाहुल अनपढ़ है और अंगूठा लगाता है पर वह 1000 रुपये का लालच देकर किसी भी व्यक्ति से 17600 रुपये ठग लेता था। आरोपी पूरे उत्तर भारत में अब तक 800 से ज्यादा लोगों से करोड़ों रुपये ठग चुका है। 53 फर्जी बैंक खातों से सवा करोड़ रुपये का लेन-देन कर चुका है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की आईएफएसओ ने पाहुल को उसके साथी अखिलेश (30) के साथ गिरफ्तार किया है।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी पाहुल यूपी के भदोही में एटीएम के जरिए पैसा निकलवाता था। ठगी की रकम को जमा करने के लिए वह महाराष्ट्र के फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहा था। वहीं सिमकार्ड मध्यप्रदेश, पश्चिमी बंगाल, उड़ीसा व बिहार से मंगाता था। पाहुल ने अकेले ही अपने इस गोरखधंधे को संभाल रखा था। स्पेशल सेल के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि ज्योति नगर, दिल्ली निवासी एक महिला ने एनसीआरपी साइबर पोर्टल पर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की तो पूरा मामला खुलकर सामने आया।
ऐसे करते थे ठगी: आरोपी खुद को एक कंपनी का कर्मचारी बताते हुए किसी भी शख्स को फोन करते थे। शख्स की पूरी जानकारी पहले से ही जुटाकर रखते थे तो और उसे बताते थे कि आपने हमारी कंपनी से ये-ये सामान खरीदा है। इसके लिए कंपनी आपको एक हजार रुपये का बाउचर दे रही है। उदाहरण के लिए कहते थे कि कंपनी 27 हजार का लैपटॉप आठ हजार रुपये में दे देगी। इसके लिए जीएसटी के नाम पर पीड़ित से 300 रुपये और लैपटॉप की कीमत के 8 हजार रुपये जमा करा लेते थे। फिर कहते थे कि आप 300 रुपये और आठ हजार रुपये अलग-अलग जमा करें। साथ दिए गए रुपये वापस कर देंगे। हालांकि आरोपी दोनों बार के रुपये लेकर कुछ भी वापस नहीं करते थे और फोन बंद कर लेते थे।
बाइक छोड़ खेतों में भागा
पुलिस जांच करते हुए नोएडा व भदोही पहुंची। इसके बाद टीम ने यहां 25 किमी पीछा कर गांव रायपुर नीदूर में मास्टरमाइंड पाहुल को घेर लिया। आरोपी बाइक को मैन रोड पर छोड़कर खेतों में घुस गया था। पुलिस ने उसे खेतों से ही दबोच लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि वह दिल्ली, नोएडा व यूपी में कई कॉल सेंटर में काम कर चुका है। नोएडा में वह पहले भी गिरफ्तार हो चुका है।