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Delhi Crime: सस्ते किराए का लालच देकर टैक्सी में बैठाकर करते थे लूटपाट, दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में यूपी के दो बदमाश

Tue, 19 Jul 2022 06:16 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

वारदात के समय टैक्सी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर यात्रियों के साथ लूटपाट करने वाले गिरोह का दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पर्दाफाश किया है। यूपी के दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये कम किराए का लालच देकर सवारी को लूट लेते थे। 
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गिरफ्तार आरोपी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ओला टैक्सी में बैठाकर लूटपाट करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर यूपी के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपी वारदात के समय टैक्सी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चलते थे। इन्होंने हाल ही में टैक्सी में बैठाकर लूटपाट की तीन वारदातों को अंजाम दिया है। इस गिरोह ने वर्ष 2019 में कनाडा के पायलट को टैक्सी में बैठाकर लूट लिया था। उस समय ये मामला मीडिया की कई दिनों तक सुर्खियां बना रहा था।

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अपराध शाखा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार बदमाशों की पहचान मेरठ के थाना लिसादी गेट स्थित फतेहउल्लापुर की माता वाली गली निवासी मेहराज (32) और गाजियाबाद के मसूरी स्थित पिप्लेंधा की करीम नगर कॉलोनी निवासी गुलजार उर्फ गुल्लू उर्फ मामा (39) के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार उत्तराखंड के थानाक्षेत्र रीमा के ग्राम ओढियार निवासी रोहित सिंह ने पटपडग़ंज औद्योगिक क्षेत्र थाने में लूटपाट की शिकायत 14 जुलाई को दर्ज कराई थी। वह अपने गांव से गुरुग्राम जा रहा था। बस ने उसे 14 जुलाई को सुबह साढ़े चार बजे आनंद विहार बस टर्मिनल पर छोड़ दिया। तभी वहां एक टैक्सी आई और गुरुग्राम के लिए सस्ते किराए पर जाने की बात कहकर उसे बैठा लिया। टैक्सी में तीन लोग पहले से बैठे हुए थे। इन लोगों ने रोहित को काबू कर उससे 8 हजार रुपये लूट लिए। बाद में उसके एटीएम से ग्रेटर कैलाश में 8500 रुपये निकलवा लिए। इसके बाद उसे चार मूर्ति, ग्रेटर नोएडा यूपी में सुबह सात बजे टैक्सी से फेंक दिया। 

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अपराध शाखा में तैनात एसीपी अरविंद कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनील सिद्धू व इंस्पेक्टर केके शर्मा की टीम आरोपियों की तलाश कर रही थी। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। इंस्पेक्टर अरुण सिद्धू की टीम ने मेहराज को मधुवन, बापूधाम गाजियाबाद से 16 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया। इससे पूछताछ के बाद गुलजार को गाजियाबाद स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। मेहराज ने बताया कि वह ओला में टैक्सी चलाता है। कम समय में अधिक पैसा कमाने के लिए वह सुबह के समय यात्रियों को लूटता था। वह वारदात के समय टैक्सी पर फर्जी नंबर प्लेट लगा लेता था। 

हाल ही में लूट की तीन वारदातों को अंजाम दिया था
आरोपियों ने बताया कि वह इन्होंने अपने दो साथी मेरठ निवासी मेहरबान व मेरठ के किठौर स्थित शाहजहांपुर निवासी सोहैल के साथ मिलकर एक महीने में लूटपाट की तीन वारदातों को अंजाम दिया था। तीनों ही वारदातों में इन्होंने पीड़ितों को टैक्सी में बैठाकर लूटपाट की थी। एक पीड़ित इन्होंने टैक्सी में सोहराब गेट बस डिपो मेरठ, दूसरे पीड़ित को साहिबाबाद, यूपी व तीसरे को आनंद विहार बस अड्डे से टैक्सी में बैठाया था। मेहराज ने वर्ष 2019 में आईजीआई एयरपोर्ट से टैक्सी में कनाडा के पायलट को बैठाकर लूट लिया था। जेल से बाहर आने के बाद ये फिर से लूटपाट करने लग गया था। मेहराज के खिलाफ 11 मामले दर्ज हैं।
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