अपराध शाखा में तैनात एसीपी अरविंद कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनील सिद्धू व इंस्पेक्टर केके शर्मा की टीम आरोपियों की तलाश कर रही थी। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। इंस्पेक्टर अरुण सिद्धू की टीम ने मेहराज को मधुवन, बापूधाम गाजियाबाद से 16 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया। इससे पूछताछ के बाद गुलजार को गाजियाबाद स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। मेहराज ने बताया कि वह ओला में टैक्सी चलाता है। कम समय में अधिक पैसा कमाने के लिए वह सुबह के समय यात्रियों को लूटता था। वह वारदात के समय टैक्सी पर फर्जी नंबर प्लेट लगा लेता था।
हाल ही में लूट की तीन वारदातों को अंजाम दिया था
आरोपियों ने बताया कि वह इन्होंने अपने दो साथी मेरठ निवासी मेहरबान व मेरठ के किठौर स्थित शाहजहांपुर निवासी सोहैल के साथ मिलकर एक महीने में लूटपाट की तीन वारदातों को अंजाम दिया था। तीनों ही वारदातों में इन्होंने पीड़ितों को टैक्सी में बैठाकर लूटपाट की थी। एक पीड़ित इन्होंने टैक्सी में सोहराब गेट बस डिपो मेरठ, दूसरे पीड़ित को साहिबाबाद, यूपी व तीसरे को आनंद विहार बस अड्डे से टैक्सी में बैठाया था। मेहराज ने वर्ष 2019 में आईजीआई एयरपोर्ट से टैक्सी में कनाडा के पायलट को बैठाकर लूट लिया था। जेल से बाहर आने के बाद ये फिर से लूटपाट करने लग गया था। मेहराज के खिलाफ 11 मामले दर्ज हैं।