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मुठभेड़ के बाद इनामी गैंगस्टर टिल्लू पंडित गिरफ्तार, गोलीबारी में दो एएसआई बाल-बाल बचे

Thu, 04 Jul 2019 12:59 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इनामी गैंगस्टर टिल्लू पंडित को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी ने गिरफ्तारी के समय पुलिस टीम पर गोली चला दी दी। इससे दिल्ली पुलिस के दो एएसआई बाल-बाल बच गए। आरोपी ने अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की थी। दिल्ली पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। आरोपी के पास से एक स्वचालित पिस्टल व तीन कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस टिल्लू पंडित को गैंगस्टर कालू बंजारा और कंझावला में विरोधी गिरोह के गैंगस्टर पर फायरिंग करने के मामले में तलाश कर रही थी।

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अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. अजीत कुमार सिंगला के अनुसार इंस्पेक्टर पीसी खंडूरी की टीम में तैनात एएसआई दिनेश कुमार व एएसआई बिजेंद्र को सूचना मिली थी कि गैंगस्टर योगेश उर्फ टिल्लू झरौदा कला गंदा नाला, बहादुरगढ़-नजफगढ़ रोड पर आएगा। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर पीसी खंडूरी की देखरेख में एसआई दाताराम, एसआई मोहनलाल और एएसआई दिनेश कुमार की टीम ने यहां घेराबंदी की। बदमाश जब यहां पर पहुंचा तो पुलिस उसे आत्मसमर्पण करने को कहा तो उसने पिस्टल निकाल पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। 

फायरिंग करते हुए आरोपी ने भागने की कोशिश की। गोली एएसआई दिनेश कुमार व एएसआई बिजेंद्र को लग जाती, मगर दोनों ने खुद को बचा लिया। सतर्क पुलिस टीम ने झरौदा कलां, दिल्ली निवासी टिल्लू (34) को दो व तीन जुलाई की रात को पकड़ लिया। दिल्ली पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। 
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टिल्लू के पिता का गारमेंट्स का व्यवसाय था। 12वीं कक्षा की पढ़ाई करने के बाद वह पैसा कमाने के लिए नजफगढ़ के प्रदीप बांका गिरोह में शामिल हो गया। वह आईजीआई एयरपोर्ट पर डकैती के आरोप में पहली बार गिरफ्तार हुआ। जेल से बाहर आने के बाद वह कृष्ण पहलवान गिरोह में शामिल हो गया और गिरोह सरगना का पीएसओ बन गया। वर्ष 2016 में आरोपी व दूसरे पीएसओ ने कृष्ण पहलवान के दूसरे दो पीएसओ की उसके फार्म हाउस में हत्या कर दी थी। इस मामले में वह गिरोह सरगना कृष्ण पहलवान समेत गिरफ्तार हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद इसने दर्शन स्वदिया, जय उर्फ प्रमोद, शक्ति और अन्य के साथ अपना गिरोह बनाया। इसी दौरान टिल्लू व कालू बंजारा गैंग के बीच रंजिश पैदा हो गई थी। टिल्लू पंडित व अन्य कालू बंजारा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 

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