दिल्ली के लाहौरी गेट के कूंचा घासीराम इलाके में 15 लाख की लूट के मामले में पुलिस ने कारोबारी के कर्मचारी को ही गिरफ्तार कर लिया है। लूटपाट की शिकायत करने वाले कर्मचारी ने डेढ़ लाख के लोन को चुकता करने के लिए पैसे दोस्त को दे दिए और पुलिस को झूठी शिकायत कर दी। पुलिस कर्मचारी की निशानदेही पर उसके साथी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 15 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं।
जिला पुलिस उपायुक्त ऐंटो अल्फोंस ने बताया कि कर्मचारी की पहचान खेड़ाखुर्द निवासी शक्ति सेनी और साथी की पहचान पवन कुमार के रूप में हुई है। तिरपाल कारोबारी के यहां नौ साल से काम करने वाले शक्ति सेनी ने 1 दिसंबर की शाम लूटपाट की शिकायत की।
शिकायत में उसने बताया कि मालिक ने उसे राजधानी पार्क से 15 लाख रुपये का कलेक्शन करने के बाद कूंचा घासीराम पहुंचने के लिए कहा था। वह कलेक्शन करने के बाद शाम को मालिक के ड्राइवर के साथ वहां पहुंचा। ड्राइवर काम से इधर उधर चला गया। इसी दौरान चार बदमाशों ने उससे बैग छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर बदमाशों ने चाकू मार दिया और बैग लेकर फरार हो गए।
थाना प्रभारी जरनैल सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आस पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला। लेकिन उसमें पुलिस को लूटपाट का कोई सबूत नहीं मिला। पुलिस ने डॉक्टरों से पीड़ित को लगे चोट की जांच करवाई। जिसमें डॉक्टरों ने खुद से मारी गई चोट की आशंका जताई।
उसके बाद पुलिस ने शक्ति सेनी से कड़ाई से पूछताछ की। जिसमें उसने पवन के साथ साजिश के तहत रुपये हड़पने की बात स्वीकार कर ली। उसने बताया कि वह कंपनी में नौ साल से काम करता था। मालिक को उसपर विश्वास था। इसलिए वह उसे पेमेंट लाने के लिए भेजते थे। उसे डेढ़ लाख का लोन चुकाना था। इसलिए उसने साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया।