- चयनकर्ताओं और आईपीएल फ्रेंचाइजी की नजरें भी इस टूर्नामेंट को लेकर उत्सुक
काजल कुमारी
नई दिल्ली। दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) अब केवल राजधानी का घरेलू टी-20 टूर्नामेंट नहीं रह गया है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के भविष्य की नई प्रयोगशाला बन चुका है। पिछले दो सीजन में इस मंच ने कई ऐसे खिलाड़ियों को देश के सामने लाकर खड़ा किया, जिन्होंने बाद में घरेलू क्रिकेट, आईपीएल और राष्ट्रीय टीम तक अपनी छाप छोड़ी। प्रियांश आर्य, तेजस्वी दहिया, दिग्वेश राठी, सार्थक रंजन, मयंक रावत और प्रिंस यादव जैसे खिलाड़ियों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि डीपीएल युवा प्रतिभाओं के लिए सुनहरा मंच बन चुका है।
सबसे प्रेरणादायक कहानी प्रिंस यादव की रही, जिन्होंने डीपीएल में तेज गेंदबाजी से अपनी पहचान बनाई, फिर आईपीएल में जगह बनाई और शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय वनडे टीम तक का सफर तय किया। यही वजह है कि डीपीएल के तीसरे सीजन को लेकर क्रिकेट प्रेमियों के साथ-साथ चयनकर्ताओं और आईपीएल फ्रेंचाइजी की नजरें भी इस टूर्नामेंट पर टिकी हैं।
यश ढुल - आईपीएल की नीलामी में खरीदार नहीं मिला
सेंट्रल दिल्ली किंग्स के कप्तान और भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान रह चुके यश ढुल इस सीजन के सबसे बड़े आकर्षण हैं। रणजी और दलीप ट्रॉफी में पदार्पण शतक लगाने वाले यश का करियर कुछ समय के लिए मुश्किल दौर से गुजरा। आईपीएल 2025 की नीलामी में उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला, लेकिन डीपीएल 2025 में उन्होंने 435 रन बनाकर शानदार वापसी की। दिल की सर्जरी के बाद मैदान पर लौटे कप्तान यश शुक्रवार को सेंट्रल दिल्ली बनाम पुरानी दिल्ली छह के मुकाबले में जिम्मेदारी संभालते हुए 45 गेंदों पर 72 रनों की शानदार पारी खेली और टीम को जीत दिलाई।
अर्पित राणा- रनों की मशीन
ईस्ट दिल्ली राइडर्स के सलामी बल्लेबाज अर्पित राणा पिछले सीजन में 495 रन बनाकर सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे। रणजी ट्रॉफी में सनत सांगवान के साथ उनकी 321 रन की नाबाद साझेदारी ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं।अगर उनका बल्ला एक बार फिर चला, तो आईपीएल फ्रेंचाइजी के लिए उन्हें नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।
मनन भारद्वाज-दोनों हाथों का जादूगर
वेस्ट दिल्ली लायंस के स्पिनर मनन भारद्वाज अपनी अनोखी गेंदबाजी शैली के कारण चर्चा में हैं। वह दाएं और बाएं दोनों हाथों से गेंदबाजी कर सकते हैं, जो उन्हें बेहद खास बनाती है। पिछले सीजन के क्वालिफायर में तीन विकेट लेकर उन्होंने टीम को फाइनल का टिकट दिलाया था और प्लेयर ऑफ द मैच भी बने थे।
आयुष दोसेजा- दबाव में खेलने का उस्ताद
वेस्ट दिल्ली लायंस के उपकप्तान आयुष दोसेजा शांत स्वभाव और लंबी पारियां खेलने के लिए जाने जाते हैं। डीपीएल 2025 में उन्होंने एक शतक के साथ 300 रन बनाए। वहीं पूरे घरेलू सीजन में 949 रन, चार शतक और पांच अर्धशतक उनके शानदार फॉर्म की गवाही देते हैं। बड़े मैचों में जिम्मेदारी निभाने की उनकी क्षमता उन्हें खास बनाती है। इस बार भी न्यू दिल्ली टाइगर्स के खिलाफ उन्होंने ने पारी को संभालते हुए 52 गेंदों में 84 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जिसमें 10 चौके और दो छक्के शामिल रहे।
मनी ग्रेवाल- रफ्तार का नया सितारा
सेंट्रल दिल्ली किंग्स के तेज गेंदबाज मनी ग्रेवाल पिछले सीजन के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 20 विकेट लेने के साथ ईस्ट दिल्ली राइडर्स के खिलाफ हैट्रिक लेकर पूरे टूर्नामेंट में अपनी पहचान बनाई। उनकी गति, सटीक लाइन-लेंथ और डेथ ओवरों में गेंदबाजी की क्षमता उन्हें इस सीजन का सबसे खतरनाक तेज गेंदबाज बनाती है।