पेड़ काटने की अभी तक मंजूरी नहीं मिलने से नंद नगरी-गगन चौक पर बन रहे फ्लाईओवर पर वाहन दौड़ाने के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। 157 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस फ्लाईओवर का निर्माण पिछले साल जुलाई तक पूरा होना था, लेकिन यह कब तक पूरा होगा इसको लेकर असमंजस है।
सड़क के बीच में मौजूद 100 से अधिक पेड़ निर्माण कार्य में बाधा बन रहे हैं। पीडब्ल्यूडी की ओर से पेड़ काटने या हटाने के लिए आवेदन दिया गया है, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।अधिकारियों का कहना है कि जहां पर बिना पेड़ों काे हटाए काम हो सकता है वहां तक निर्माण किया जा रहा है। पेड़ों को हटाए बिना निर्माण कार्य पूरा होना संभव नहीं है।
करीब 1.4 किलोमीटर लंबे इस निर्माणाधीन फ्लाईओवर का 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पेड़ों की बाधा दूर होने के बाद निर्माण कार्य की गति बढ़ जाएगी। फ्लाईओवर के दोनों ओर की एप्रोच रोड को जोड़ने का काम होने के बाद सड़क बनाने और विद्युतीकरण के काम में अधिक समय नहीं लगेगा।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि विभाग का प्रयास है कि फ्लाईओवर का निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाए।जिस मार्ग पर फ्लाईओवर काे बनाया जा रहा है वह सड़क दिल्ली को गाजियाबाद से जोड़ती है। यह क्षेत्र सघन आबादी वाला है। नंद नगरी से गगन सिनेमा (मंगल पांडे मार्ग) पर बन रहे 1.4 किमी लंबे छह लेन के इस फ्लाईओवर को सितंबर, 2022 में मंजूरी मिली थी। फरवरी, 2023 में काम शुरू हुआ था।
इसे पूरा करने के लिए जुलाई 2024 तक की डेडलाइन रखी गई थी, लेकिन विभिन्न अड़चनों के कारण निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा नहीं हो पाया। फ्लाईओवर के काम में हो रही देरी के कारण यहां से निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वाहन चालकों को होगा फायदा
गाजियाबाद के पास भोपुरा बॉर्डर से सिग्नेचर ब्रिज तक लगभग सात किलोमीटर के सफर को सिग्नल फ्री किया जाएगा। नंद नगरी से गगन सिनेमा फ्लाईओवर जहां खत्म होगा, उसके आगे लोनी गोल चक्कर फ्लाईओवर पहले से है। फिर गोकलपुर फ्लाईओवर मिलेगा। उसके बाद भजनपुरा लाल बत्ती को खत्म करने के लिए मेट्रो के साथ डबल डेकर फ्लाईओवर बन रहा है।
लोनी बॉर्डर से सिग्नेचर ब्रिज तक मंगल पांडे मार्ग भी सिग्नल फ्री हो जाएगा। नंद नगर फ्लाईओवर के बन जाने से घौंडा, मुस्तफाबाद, गोकलपुर, नंद नगरी, करावल नगर के अलावा आसपास की दर्जनों घनी आबादी वाली कॉलोनियों को फायदा मिलेगा। इसके अलावा यूपी के गाजियाबाद (भोपुरा बॉर्डर) से सिग्नेचर ब्रिज की तरफ आने वाला ट्रैफिक भी आसानी से निकल सकेगा।