शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। दरअसल रास्ता खुलवाने के लिए प्रदर्शन स्थल पर कुछ लोग पहुंचे हैं। इसके चलते प्रदर्शनकारी और हटाने पहुंचे लोग आमने सामने हो गए हैं। विवाद बढ़ता देख भारी मात्रा में पुलिस बल भी तैनात किया गया है। वहीं डीसीपी (साउथ ईस्ट) चिन्मय बिश्वाल भी मौके पर पहुंचे हैं। चिन्मय बिश्वाल ने कहा कि शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन में किसी भी विरोध करने वालों को आने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यहां आने वाले थे लेकिन हमने उन्हें यहां पहुंने से रोक लिया।
जानकारी के मुताबिक शाहीन बाग में बंद रास्ते को खुलवाने के लिए हिंदू सेना सहित आसपास के कई गांवों के लोग इक्ट्ठा हुए हैं। इन सभी लोगों ने पुलिस से भी मुलाकात की थी, पुलिस ने हालात न बिगड़े इसलिए इऩ्हें प्रदर्शन स्थल पर जाने से मना कर दिया था। इसके बावजूद भी कुछ लोग घटना स्थल पर पहुंच गए। इसके बाद स्थानीय लोग भी इक्ट्ठा हो गए। बढ़ते विवाद को देखते हुए नारीबाजी कर रहे करीब 50 लोगों को पुलिस ने उठा लिया है और हिरासत में लेकर थाने ले गई है। फिलहाल हालात न बिगड़ें इसके लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।
बता दें कि शाहीन बाग में प्रदर्शन स्थल से करीब 150 मीटर दूर पुलिस बैरिकेट के पास एक युवक ने सांप्रदायिक नारेबाजी करते हुए हवा में दो गोलियां चला दी थी। हालांकि गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी। बैरिकेट के पास मौजूद पुलिसकर्मियों और सीआरएफ के जवानों ने उसे दबोचा और सरिता विहार थाने ले गए।
आरोपी की पहचान पूर्वी दिल्ली के दल्लूपुरा निवासी कपिल गुर्जर के रूप में हुई है। उसके पास से एक अवैध पिस्टल मिली है। उधर, घटना के बाद शाहीन बाग में अफरा-तफरी का माहौल है। वहां लोगों की भारी भीड़ जुट गई है। ऐहतियात के तौर पर शाहीन बाग में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, कपिल शनिवार शाम बैरिकेट के पास पहुंचा और ‘जय श्रीराम’, ‘हिंदू राष्ट्र जिंदाबाद’, ‘हमारा देश हिंदू राष्ट्र है’ जैसे नारे लगाने लगे। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने पिस्टल निकालकर हवा में दो गोलियां चला दीं। सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि किसी को कुछ समझ नहीं आया। इससे पहले कि प्रदर्शन में मौजूद लोग कपिल के पास पहुंचते, पुलिस व सुरक्षा कर्मियों ने उसे काबू कर लिया। उसे कार में बिठाकर सरिता विहार थाने लाया गया। घटनास्थल से दो खोखे बरामद हुए हैं। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।
वहीं आरोपी कपिल के पिता ने कहा कि शाहीन बाग में हुई फायरिंग के बारे में उन्हें कुछ नहीं पता था। और न ही वह घर पर थे। उन्होंने कहा कि उन्हें घर पर टीवी देखने के बाद इस मामले की जानकारी हुई। साथ ही कहा कि कपिल ने ऐसा कदम क्यों उठाया इसकी भी जानकारी नहीं है।
शाहीन बाग प्रदर्शन के खिलाफ तीसरी वारदात
गुरुवार को जामिया से राजघाट जा रहे पैदल मार्च के दौरान जेवर निवासी नाबालिग लड़के ने भीड़ पर गोली चला दी थी। गोली जामिया के छात्र शादाब फारुक को लगी थी। इस घटना की खूब निंदा हुई थी। इससे करीब एक सप्ताह पूर्व शाहीन बाग में प्रदर्शन वाले स्थान पर हाजी लुकमान पिस्टल लेकर घुस गया था। वह गाली-गलौज करते हुए महिलाओं को प्रदर्शन खत्म करने की धमकी दे रहा था।
उधर, प्रदर्शन में मौजूद लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान चल रहे नफरत भरे भाषणों से प्रभावित होकर ही नौजवान ऐसी वारदात कर रहे हैं। उन्होंने नेताओं से नफरत फैलाने वाले बयान न देने की अपील की है।