अदालत ने वर्ष 1981 में एयर इंडिया के प्लेन को हाईजैक कर पाकिस्तान ले जाने वाले खालसा दल के दो सदस्यों को देशद्रोह के आरोप से बरी कर दिया। दोनों प्लेन हाईजैक के आरोप में पाकिस्तान में आजीवन कारावास की सजा काट चुके है। मामले के तीन अन्य आरोपी विदेश में है।
पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय पांडेय ने अपने फैसले में जालंधर निवासी तजेंद्र पाल सिंह व चंडीगढ़ निवासी सतनाम सिंह पोंटा को 37 वर्ष पुराने इस मामले में बरी कर दिया। इन पर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप था।
हालांकि पुलिस ने देशद्रोह का भी आरोप लगाया था लेकिन अदालत ने देश द्रोह की धारा पहले ही हटा दी थी। इन दोनों आरोपियों के अलावा तीन अन्य गजेंद्र सिंह, कर्ण सिंह, जसबीर सिंह चीमा पाकिस्तान से सजा काटने के बाद विदेश चले गए थे।
आरोप है कि 29 सितंबर 1981 में एयर इंडिया के प्लेन को उस समय हाईजैक कर लिया गया था जब वह नई दिल्ली से श्रीनगर की उड़ान पर था। पांचों प्लेन को जबरन लाहौर पाकिस्तान ले गए।
इन सभी ने आतंकी संत जरनैल सिंह भिंडरावाले की रिहाई की मांग की थी। पाकिस्तान में 1986 में इन लोगों को उम्रकैद की सजा हुई। लाहौर जेल में सजा पूरी करने के बाद सतनाम सिंह अमरीका एवं तजिंदर सिंह कनाडा चला गया।
दोनों ही देशों ने उन्हें शरण नहीं दी। अमरीकी प्रशासन ने अवैध आवाजाही के दोष के तहत सतनाम को 4 वर्ष तक जेल में रखा। इसके बाद सतनाम सिंह व तजेंद्र सिंह को भारत भेजा गया व दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
इस आरोप में नहीं चला पाकिस्तान में मुकदमा
पाकिस्तान में सजा काटने के बाद पुलिस ने इन पांचों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। अदालत ने आरोपियों के तर्क को खारिज करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा शुरू करने का निर्देश दिया था।
अदालत ने कहा इन सभी को प्लेन हाईजैक करने इत्यादि आरोप में सजा सुनाई गई थी। जबकि इन पर भारत में देशद्रोह, सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने, आपराधिक षड्यंत्र रचने के मामले दर्ज हैं। पाकिस्तान में इन धाराओं में मुकदमा नहीं चला था। इसलिए उनके खिलाफ प्लेन देशद्रोह में मामला चलाया जाएगा।
दोनों ने हाईकोर्ट में की थी अपील
इन दोनों ने तर्क रखा कि जब उन्हें इस अपराध में पाकिस्तान में सजा मिल चुकी है तो उसी अपराध में भारत में पुन: मुकदमा कैसे चलाया जा सकता है अत: आरोपपत्र को रद्द किया जाए। हाईकोर्ट ने अपील खारिज करते हुए मुकदमा चलाने का निर्देश दिया था।
न्यायपालिका का जताया आभार
सतनाम सिंह ने अदालत के फैसले के बाद टिप्पणी करते हुए कहा हमने कोई देशद्रोह नहीं किया था बल्कि भिंडरावाले की रिहाई के लिए ऐसा कदम उठाया था। न्यायपालिका पर हमारा विश्वास था और इस फैसले के बाद विश्वास मजबूत हुआ है।
हम पाकिस्तान में सजा काट चुके थे और उम्रकैद से बढ़ी सजा क्या हो सकती है। वहीं, गुरुद्वारा कमेटी ने भी उनकी रिहाई पर खुशी जताई है। दोनों को गुरुद्वारा रकाबगंज में सरोपा देकर सम्मानित भी किया गया।