संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
दिल्ली पंचायत संघ ने केंद्र और दिल्ली सरकार से मांग की है कि शहर के गांवों को भी वही अधिकार मिले, जो अनाधिकृत कॉलोनियों को जैसा है, जहां है योजना के तहत दिए गए हैं। पंचायत संघ ने कहा कि इससे गांवों और ग्रामीणों को उनके वर्षों से वंचित अधिकार मिलेंगे। पंचायत संघ के प्रमुख थान सिंह यादव ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी और अन्य नेताओं को ज्ञापन भेजा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में 1511 अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित किया गया, लेकिन, गांवों और किसानों को अब तक उनके अधिकार नहीं मिले। पंचायत संघ ने गांवों के विकास और ग्रामीणों के हित में पंचायत बुलाई है, जिसमें सभी ग्राम प्रतिनिधि शामिल होंगे। पंचायत संघ ने अपने ज्ञापन में कई मुख्य मांगें रखी हैं। इसमें लाल डोरा और विस्तारित लाल डोरा क्षेत्र को पूर्ण मालिकाना हक देने, गांवों पर लागू भवन नियमों को तुरंत हटाने, गांवों में समुचित पार्किंग व्यवस्था और खेलकूद मैदान विकसित करने, किसानों की अधिग्रहित जमीन का मुआवजा बढ़ाने और वैकल्पिक प्लॉट देने जैसी बातें शामिल हैं। इसके अलावा, भूमिहीन परिवारों को आवासीय प्लॉट और घर उपलब्ध कराने, ग्राम सभा की भूमि को केवल ग्रामीण सुविधाओं के लिए सुरक्षित रखने, गांवों को हाउस टैक्स, कन्वर्जन शुल्क और अन्य करों से मुक्त रखने, तथा गांवों के मुख्य मार्ग कम से कम 100 फुट चौड़े करने की भी मांग की गई है। थान सिंह यादव ने कहा कि यदि सरकार इन मांगों पर जल्दी सकारात्मक निर्णय लेती है, तो दिल्ली के गांवों का विकास बेहतर होगा और ग्रामीणों को उनका अधिकार और सम्मान मिलेगा।