दिल्ली के श्रम मंत्री गोपाल राय ने बताया कि सरकार ने फैसला लिया है कि जिस तरह पिछले महीने निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों के खातों में 5000 रुपये जमा किए गए थे, उसी तरह इस महीने भी इन मजदूरों के खातों में 5000 रुपये डाले जाएंगे।
हालांकि बता दें कि यह पैसा सिर्फ पंजीकृत मजदूरों के खातों में डाला गया था और इस महीने भी यह पैसा उन्हीं मजदूरों के खातों में डाला जाएगा। इसके लिए दिल्ली सरकार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू करेगी।
गोपाल राय ने बताया कि 15 मई से हम निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर रहे हैं जहां वो अपना पंजीयन का नवीनीकरण करा सकते हैं या फिर नए मजदूर खुद को पंजीकृत करा सकते हैं। 15 मई से पंजीकरण शुरू होकर 25 मई तक जारी रहेगी। 25 मई के बाद वेरिफिकेशन का कार्य शुरू हो जाएगा।
जहां सरकार ये दावे कर रही है, वहीं आज भी दिल्ली से मजदूरों का बिहार व अन्य राज्यों के लिए पलायन जारी है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए मजदूरों ने कहा किहै कि उन्हें रहने, खाने-पीने, नहाने धोने हर चीज की समस्या है। सोमवार को दिल्ली से पैदल ही पूर्णिया बिहार जा रहे वहां के एक प्रवासी मजदूर ने बताया, मैं यहां वेल्डिंग का काम करता था। यहां खाने-पीने, नहाने-धोने सब चीजों की दिक्कत हो रही थी जिसकी वजह से हम लोग पैदल गांव जा रहे हैं। हमें सरकार द्वारा चलाई जा रही ट्रेनों के बारे में कोई सूचना नहीं है।
एक और मजदूर ने कहा ,सारी मजदूरी घर भेज दी थी। हम दो दिन से भूखे हैं। कोई रोजगार नहीं है, पैदल घर जा रहे हैं। सोचा जब यहां भी मरना है भूखे प्यासे, तो रस्ते में मर जाएंगे भूखे प्यासे। हमारे पास न मोबाइल है न पैसे हैं,कुछ नहीं है। किसी ट्रेन के बारे में कोई जानकारी भी नहीं है।