दिल्ली नगर निगम ने शहर के नौ क्लस्टरों में 28 पार्किंग स्थलों पर फास्टैग आधारित पार्किंग प्रणाली लागू करने के लिए निविदा आमंत्रित की है। चयनित एजेंसी मासिक लाइसेंस शुल्क के आधार पर फास्टैग से संचालन, प्रबंधन और पार्किंग शुल्क इकट्ठा करेगी।
तीन साल के लिए इन सभी पार्किंग स्थलों का आवंटन होगा, जिसे आपसी सहमति से दो साल के लिए बढ़ाया जा सकेगा। इस तरह स्वचालित पार्किंग प्रणाली से लोगों को पार्किंग शुल्क का भुगतान करने में आसानी होगी, क्योंकि इससे पार्किंग शुल्क आरएफआईडी आधारित फास्टैग के माध्यम से स्वचालित रूप से काटा जाएगा।
पार्किंग शुल्क का संग्रह चारपहिया वाहनों के लिए फास्टैग का उपयोग करके किया जाएगा और दोपहिया वाहनों के लिए क्यूआर कोड या यूपीआई आधारित भुगतान की सुविधा होगी। फास्टैग स्कैन करने के लिए पार्किंग स्थलों के प्रवेश और निकास द्वार पर सेंसर लगाए जाएंगे, जिससे पार्किंग शुल्क संग्रह की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
इन पार्किंग स्थलों में लगेगा फास्टैग सेंसर
इन पार्किंग स्थलों में गाजीपुर, पटपड़गंज, मयूर विहार फेज-1, फेज-2, फेज-3, लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन, विकास मार्ग, मंडावली, नंद नगरी, राजौरी गार्डन, वसुंधरा एन्क्लेव, द्वारका सेक्टर-6 मार्केट, अप्पू घर, संत नगर, बाबरपुर रोड, गीता कॉलोनी, बिहारी कॉलोनी, शशि गार्डन शामिल हैं। इसके अलावा ओखला फेज-3, नेहरू प्लेस, हौज खास, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और कालकाजी में बहुमंजिला पार्किंग में भी फास्टैग से पार्किंग शुल्क का भुगतान होगा। बोली जमा करने की अंतिम तिथि 4 मार्च है।
21 पार्किंग स्थलों पर इसी महीने से सुविधा
निगम के 21 पार्किंग स्थलों पर आरएफआईडी आधारित पार्किंग शुल्क भुगतान की सुविधा इसी महीने शुरू हो जाएगी। स्वचालित प्रणाली से पार्किंग शुल्क का भुगतान होने से लोगों के अलावा पार्किंग एजेंसियों को भी पार्किंग शुल्क एकत्र करने में आसानी होगी। दिल्ली नगर निगम दिल्ली में स्टैक या बहुमंजिला पार्किंग सहित 400 से अधिक पार्किंग साइटों का संचालन कर रहा है।