पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि दिल्ली में यह पहला मामला है, जिसमें किसी नाबालिग पर बतौर बालिग मुकदमा चलेगा। पुलिस अदालत से आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाएगी, ताकि दूसरे नाबालिगों के लिए भी एक सीख बने। जहांगीरपुरी इलाके में इस साल जनवरी माह में तीन नाबालिगों ने एक युवक की चाकू गोदकर हत्या कर दी थी। तीनों नाबालिग पुष्पा और भौकाल जैसी फिल्मों से प्रेरित थे।
एक आरोपी ने तो पुष्पा फिल्म के अभिनेता की तरह वेशभूषा भी बना रखा था। 17 वर्षीय नाबालिग अपना बदनाम गैंग बनाना चाहता था। उसने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने और खुद को चर्चित करने के लिए हत्या को अंजाम दिया। इस जघन्य वारदात में पुलिस की तरफ से जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में अनुरोध किया गया कि 17 वर्षीय नाबालिग पर मुकदमे को सत्र न्यायालय में स्थानांतरित किया जाए ताकि उसका ट्रायल एक बालिग की तरह आगे बढ़ाया जा सके। बोर्ड ने इसकी अनुमति दे दी।