नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनबीसीसी) ने नोएडा और ग्रेनो में आम्रपाली समूह की रुकी आवासीय परियोजनाओं में करीब 13,500 फ्लैटों के निर्माण का काम पूरा कर लिया है। मार्च, 2025 तक इन परियोजनाओं में बाकी बचे 25 हजार फ्लैटों का निर्माण भी पूरा कर लिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप एनबीसीसी के जरिये आम्रपाली की रुकी हुई परियोजनाएं पूरी की जा रही हैं। इसके लिए आम्रपाली अवरुद्ध परियोजना निवेश पुनर्निर्माण प्रतिष्ठान (एस्पायर) का गठन किया गया है। एनबीसीसी के मुताबिक 25 आवासीय परियोजनाओं में कुल 46,575 फ्लैट बनाए जाने थे। इनमें से 8,416 फ्लैटों पर जुलाई 2019 में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले ही खरीदारों का कब्जा था।
मामले में परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) के रूप में एनबीसीसी को बाकी 38,159 और पहले सौंपे जा चुके फ्लैट के लिए सामान्य सुविधाओं का निर्माण करना था। एनबीसीसी ने करीब 5,512 करोड़ रुपये का काम सितंबर 2023 तक पूरा कर लिया। इस साल 23 अक्तूबर तक ग्राहकों से उसे 5,229.60 करोड़ रुपये मिले।
बैंकों से मंजूर हुए 2150 करोड़ रुपये
आम्रपाली की छह आवासीय परियोजनाओं के अधूरे निर्माण पूरे करने के लिए एसबीआईकैप वेंचर्स लिमिटेड ने 650 करोड़ मंजूर किए। वहीं सात बैंकों के संघ बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, और पंजाब एंड सिंध बैंक ने 1500 करोड़ रुपये मंजूर किए। इसमें 1496.45 करोड़ रुपये अगस्त 2023 तक रिलीज कर दिए गए।
2500 करोड़ के फ्लैट बेचे गए
सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के मामले में बिना बिके यूनिट और बचे हुए फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) को बेचने की अनुमति दी थी। पूरा काम सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त कोर्ट रिसीवर की निगरानी में होना था। रियल एस्टेट कंसल्टेंट कंपनी एनरॉक और स्टार एस्टेट्स ने बचे हुए बिना बिक्री वाले यूनिट को बेचकर 2500 करोड़ जुटाए।
फ्लैट आवंटियों के दस्तावेज और खरीदारों की हो रही समीक्षा
कोर्ट रिसीवर की ओर से फ्लैट आवंटियों के साथ-साथ खरीदारों की भी समीक्षा हो रही है। आवंटियों से दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। साथ ही दस्तोवज उपलब्ध कराने वाले खरीदारों की भी समीक्षा की जा रही है।