राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने स्कूलों, अस्पतालों और रिहायशी इलाकों के पास पेट्रोल पंप स्थापित करने को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन अनिवार्य कर दिया है। यह आदेश एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने देहरादून के रायपुर क्षेत्र में प्रस्तावित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप से जुड़े मामले में दिया।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि प्रस्तावित पेट्रोल पंप स्कूल, पशु चिकित्सालय और नहर के बेहद करीब बनाया जा रहा है, जिससे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हो रहा है। सुनवाई के दौरान अधिकरण ने पाया कि पेट्रोल पंप की डिस्पेंसिंग यूनिट और स्कूल के बीच दूरी 36 से 40 मीटर है, जबकि सामान्य नियमों के अनुसार यह दूरी कम से कम 50 मीटर होनी चाहिए।
हालांकि एनजीटी ने स्पष्ट किया कि यदि दूरी 30 से 50 मीटर के बीच हो, तो पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) के अतिरिक्त सुरक्षा उपायों का पालन जरूरी होगा। साथ ही किसी भी स्थिति में दूरी 30 मीटर से कम नहीं हो सकती। अधिकरण ने पीईएसओ को स्वतंत्र जांच के बाद ही अंतिम मंजूरी देने का निर्देश दिया।