कोहरे का कहर शनिवार को फिर यातायात व्यवस्था पर भारी पड़ा। दृश्यता शून्य पर पहुंचते ही विमानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ तो ट्रेनों की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया। सड़कों पर सुबह के वक्त एयरपोर्ट व स्टेशन जाने वाले यात्रियों की भी परेशानी बढ़ गई। इस दौरान सड़क पर वाहनों की रफ्तार बेहद कम थी।
शुक्रवार करीब डेढ़ बजे से ही दिल्ली एयरपोर्ट ने रनवे ने कोहरे की चादर ओढ़ ली थी। रनवे पर दृश्यता घटते ही लो-विजिबिलिटी प्रोसीजर लागू कर दिया गया। इस दौरान कई विमानों, जिनके चालक कैट थ्री से लैस नहीं थे, को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत नहीं दी गई। शनिवार को कुल 20 उड़ानें निरस्त कर दी गईं। इनमें 13 जाने वाली व 7 आने वाली शामिल हैं। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार 80 विमान देरी से संचालित हुए। इनमें 50 के करीब दिल्ली आने वाले थे।
सुबह जिसकी फ्लाइट थी, उसे परेशान होना पड़ा। दिल्ली से रांची जाने वाले मुखर्जी नगर के यात्री अभिषेक ने बताया कि निजी टैक्सी कोहरे की वजह से समय पर एयरपोर्ट नहीं पहुंच सकी। इस वजह से उन्हें आनन-फानन में मेट्रो से एयरपोर्ट की दूरी तय करनी पड़ी। विमानों की लेटलतीफी से भी यात्रियों को परेशान होना पड़ा। सुबह साढ़े छह बजे के बाद ही विमानों का संचालन ठीक से हो पाया।
दूसरी तरफ, ट्रेन यात्रियों की परेशानी ठिठुरन ने तो बढ़ाई ही, ट्रेनों की लेटलतीफी ने भी खासा हलाकान किया। शनिवार को दो दर्जन से अधिक ट्रेनें नियत समय से संचालित नहीं हो सकीं। दिल्ली आने वाली ज्यादातर ट्रेनें देरी से पहुंचीं। इस वजह से वापसी दिशा में जाने वाली ट्रेनें भी परिवर्तित समय से चलीं। इनमें मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार व उत्तर प्रदेश से दिल्ली आने वाली ट्रेनें शामिल रहीं।