केंद्रीय संस्कृति राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल
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साहित्य अकादमी ने सोमवार को मंडी हाउस के रवींद्र भवन परिसर में अपने छह दिवसीय साहित्योत्सव का आगाज किया। इसका उद्घाटन संस्कृति राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि साहित्यकार साधक होता है और साहित्य लेखन एक कला। ये साधक अपनी कला से एक बेहतर संस्कृति, समाज व एक बेहतर देश का निर्माण करते हैं।
साहित्य के प्रभाव पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जो इससे जुड़ते हैं, वह जीवन में मीठा बोलते हैं। उन्होंने मैथिलीशरण गुप्त जैसे कवियों की पंक्तियां पढ़कर सुनाईं और कहा कि साहित्य मनुष्य में विवेक पैदा करता है। यह आगे चलकर राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका प्रदान करती है। इस दौरान उन्होंने अपनी पत्नी पर लिखी पुस्तक के बारे में भी चर्चा की। वहीं, साहित्य अकादमी के अध्यक्ष माधव कौशिक ने कहा कि भारत भाषाओं का सबसे बड़ा संग्रहालय है और साहित्य अकादमी उसके संरक्षण के कार्य में जुटी हुई है। वहीं, अकादमी के सचिव के. श्रीनिवासराव ने कहा कि यह भारतीय भाषाओं का उत्सव है। रवींद्र भवन परिसर में पुस्तक प्रदर्शनी भी लगी है, जिसमें लोग हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगू, समेत कई अन्य दूसरी भाषाओं में किताबें खरीद सकते हैं।
साहित्य अकादमी मंगलवार को मंडी हाउस स्थित कमानी ऑडिटोरियम में साहित्य अकादमी पुरस्कार 2023 अर्पण समारोह का आयोजन करेगा। इस दौरान मशहूर ओड़िया लेखिका प्रतिभा राय बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगीं। देश की 24 भाषाओं के चुने गए लेखकों को यह सम्मान मिलेगा।