प्रदेश में लगातार गिरते हुए राजस्व और सीमावर्ती राज्यों से प्रदेश में शराब तस्करी रोकने के लिए आबकारी नीति में बदलाव लाने की जरूरत है। शासन द्वारा इसकी रणनीति बनाई जा रही है। जल्द ही नीति बनाकर इसे अमल में लाया जाएगा। शनिवार को यह बात आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने नॉलेज पार्क स्थित आईआईएमटी कॉलेज में मीडिया से बातचीत के दौरान कही। भाजपा के जिला प्रभारी होने के चलते आबकारी मंत्री ने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा, विधायक धीरेंद्र सिंह, विधायक तेजपाल नागर, विजय भाटी आदि मौजूद रहे।
आबकारी मंत्री ने कहा कि जिले की समस्याओं को उठाने वाले कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच सामंजस्य बनाना है। इससे प्रदेश का संपूर्ण विकास होगा। इसके लिए वह प्राधिकरण के सीईओ, जिलाधिकारी, एसएसपी और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे। साथ ही यह भी तय करना पड़ेगा कि अधिकारियों पर जबरन दबाव न बने। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयमित व्यवहार करने को कहा। साथ ही उत्साहवर्धन भी किया।
जिले में पड़ोसी राज्यों से आ रही अवैध शराब की खेप पर पूछे सवाल पर आबकारी मंत्री ने कहा कि हरियाणा की सीमा हिंडन नदी से जुड़ी है। शराब माफिया पर लगाम लगाने के लिए विभाग के अधिकारियों को सक्रिय करना होगा। प्रदेश के सीमावर्ती जिलों की समीक्षा करके आबकारी विभाग के कर्मचारियों को अपडेट किया जाएगा, ताकि अवैध शराब के कारोबार पर रोक लग सके। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण में व्याप्त भ्रष्टाचार और निवेशकों की परेशानी के समाधान के लिए प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें निर्देशित किया जाएगा।