फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: प्रदूषण-सफाई में की लापरवाही तो नौकरी और प्रमोशन पर खतरा, एलजी की बैठक में डीएम को मिले अहम अधिकार

Fri, 05 Dec 2025 02:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

सरकारी की सख्ती से सकारात्मक नतीजे आने की उम्मीद। 
विज्ञापन
दिल्ली में वायू प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली में अब प्रदूषण और सफाई में लापरवाही करने वाले सरकारी कर्मचारियों की खैर नहीं। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कर दिया है कि जिलों के डीएम को अधिकार दिया जा रहा है कि जो भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी लापरवाही करेंगे, उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) खराब कर सकते हैं। यानी उनकी नौकरी, तरक्की और प्रमोशन पर सीधा खतरा होगा। साथ ही हर दिन प्रदूषण नियंत्रण के काम की समीक्षा होगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

विज्ञापन


बृहस्पतिवार को लोकनिवास में हुई उच्चस्तरीय बैठक में ये सख्त फैसले लिए गए। बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, मुख्य सचिव राजीव वर्मा और तमाम विभागों के बड़े अधिकारी मौजूद रहे। उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि धूल और कचरा ही दिल्ली के प्रदूषण के सबसे बड़े कारण हैं, इन्हें हर हाल में काबू करना है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, पिछली सरकार ने सड़कें न बनाईं, न मरम्मत कराई, इसलिए आज धूल का इतना बड़ा संकट है। अब हम स्थायी हल निकालेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक रिव्यू कमेटी बनाई गई है जो रोजाना प्रदूषण नियंत्रण के कामों की समीक्षा करेगी। इसके आदेश सभी विभागों के लिए मानना जरूरी होगा।
विज्ञापन


डीडीए को निर्देश दिए गए हैं कि उनकी खाली जमीनों से कचरा-मलबा तुरंत हटाएं और दोबारा डंपिंग न होने दें। एमसीडी को कहा गया है कि पूरे शहर में जोरदार सफाई अभियान चलाएं और धूल दबाने के सारे तरीके अपनाएं। प्रदूषण के हॉटस्पॉट पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाया जा रहा है। आईटीओ में लगा पायलट प्रोजेक्ट कामयाब रहा, मुख्यमंत्री ने खुद इसका मुआयना किया। अब इसे पूरे दिल्ली में फैलाने की योजना है। लापरवाही की सजा तय है।

डीपीसीसी को आदेश है कि सफाई में कोताही करने वाले सरकारी विभागों के खिलाफ चालान काटें। बिना परमिशन सड़क काटने या गड्ढे न भरने पर एफआईआर होगी और जिम्मेदारी विभाग के प्रमुख की होगी। न सरकारी कर्मचारी बख्शा जाएगा, न निजी एजेंसी। मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार का मकसद सिर्फ आज नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए भी साफ हवा सुनिश्चित करना है। इसके लिए जनता का साथ भी जरूरी है। सब मिलकर दिल्ली को स्वच्छ और स्वस्थ बनाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें