उत्तरी पर्वतीय इलाकों में हिमपात से ठिठुरती दिल्ली अब कोहरे की मार का भी सामना करना पड़ रहा है। लगातार दूसरे दिन मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में कोहरा छाया रहा। हालांकि, सोमवार की तुलना में इसमें मामूली कमी दिखी।
मंगलवार तड़के से सुबह 8 बजे के बीच दृश्यता 300 मीटर रही। सूरज चढ़ने के बाद इसमें सुधार आया और दोपहर तक यह सामान्य हो गई। हालांकि, शाम को एक बार फिर दिल्ली में कोहरा दिखा। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आने वाले समय में तापमान कम होने के साथ कोहरा भी घना होगा। अगले साल जनवरी तक इसमें ज्यादा सुधार के आसार नहीं दिख रहे हैं।
मौसम विभाग के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव के अनुसार, हवा में नमी का अधिकतम स्तर होने और हवा की गति धीमी होने की वजह से कोहरे को बढ़ने में मदद मिल रही है। तड़के दिल्ली-एनसीआर में फैलना शुरू हुआ कोहरा सुबह 8 बजे तक बना रहा। इसके बाद दृश्यता में सुधार हुआ। कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि 300 मीटर की दृश्यता के साथ कोहरा औसत श्रेणी में रहा है। जनवरी तक कोहरे के 250 से 300 मीटर दृश्यता सूचकांक में बने रहने की संभावना है।
प्रादेशिक मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन अधिक 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, अधिकतम तापमान सामान्य से दो अधिक 26.3 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले 24 घंटे में हवा में नमी का अधिकतम स्तर 100 फीसदी और न्यूनतम 58 फीसदी रहा है।दिल्ली के विभिन्न इलाकों में शामिल लोधी रोड 10. 8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा इलाका रहा। इसके बाद मुंगेशपुर 11.9 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडे इलाकों में शामिल रहा।
कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है। वहीं, आगामी 11 दिसंबर को भी एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे हल्की बारिश के आसार बन रहे हैं। इसके बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे सर्दी और बढ़ेगी। गौरतलब है कि सोमवार को इस सीजन का पहला घना कोहरा दर्ज किया गया था, जिसमें दृश्यता का स्तर शून्य पहुंच गया था। इस वजह से सुबह वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा था, वहीं मंगलवार को भी सुबह वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर सड़कों पर निकलना पड़ा।
कोहरे का सूचकांक
50 से 200 मीटर- घना कोहरा
200 से 500 मीटर- औसत कोहरा
500 से 1000 मीटर -हल्का कोहरा