दिल्ली-एनसीआर की गुणवता छह दिन तक लगातार गंभीर स्तर पर बनी रहने के बाद बुधवार को बेहतर हुई है। ऊपरी सतह में चलने वाली हवाओं की दिशा बदलने से 24 घंटे में हवा की गुणवता में 132 अंकों के सुधार हुआ और वायु गुणवता सूचकांक 476 से 344 पर पहुंच गया है। सफर का पूर्वानुमान है कि 13 नवंबर को एक बार फिर हवा की दिशा पश्चिमी और उतर पश्चिमी होने से प्रदूषण का स्तर दिल्ली-एनसीआर में बढ़ सकता है।
दरअसल, बीते छह दिनों से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण गंभीर स्तर में बना हुआ है। बीते साल नवबंर में यह दौर लगातार सात दिनों तक चला था। बुधवार को इसमें सुधार देखा गया। सफर के मुताबिक, इस दौरान दिल्ली-एनसीआर की तरफ चलने वाली हवाओं की दिशा पश्चिमी व उतर पश्चिमी से पूर्वी हो गई है। इससे पंजाब व हरियाणा में पैदा हो रहा पराली का धुंआ दिल्ली-एनसीआर तक नहीं पहुंच सका।
मंगलवार को पराली जलाने के 2,422 मामले दर्ज होने के बावजूद दिल्ली के प्रदूषण में इसका हिस्सा तीन फीसदी रहा जबकि मंगलवार को यह 22 फीसदी व सोमवार को 38 फीसदी तक चला गया था। दूसरी तरफ सतह पर चलने वाली हवाओं की चाल में भी तेजी दर्ज की गई है। दोनों के मिले-जुले असर से प्रदूषण के स्तर में 132 अंकों की गिरावट आई और सूचकांक गंभीर से बेहद खराब स्तर में पहुच गया है।
सफर का मानना है कि बृहस्पतिवार आधे दिन तक हवा की दिशा पूर्वी ही बनी रहेगी। इससे प्रदूषण स्तर में कमी आने की उम्मीद है। गुणवता बेहद खराब के निम्रतम स्तर पर रहेगी। लेकिन हवा की दिशा पश्चिमी व उतर पश्चिमी होने से शुक्रवार से इसमें एक बार फिर खराबी आएगी। इस दौरान सतह पर चलने वाली हवाएं भी एक बार फिर शांत हो जाएंगी। इससे गुणवता बेहद खराब के उच्चतम स्तर से गंभीर के निम्रतम स्तर में चली जाएगी। दिवाली पर अगर पटाखेबाजी नहीं हुई तो उसके बाद हालात बेहतर होने की उम्मीद है।
---