उत्तर भारत के पर्वतों पर लगातार हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। यही वजह है कि गत दिनों से न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहने के कारण सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ रही है। वहीं, दोपहर में भी अब धूप की तपिश हल्की होती जा रही है। इससे दिल्ली की सर्दी का एहसास धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
प्रादेशिक मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान सामान्य से एक कम 8.2 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से दो अधिक 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस और अधिकतकम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रहा था।
पिछले 24 घंटे में हवा में नमी का अधिकतम स्तर 97 फीसदी और न्यूनतम 24 फीसदी रहा है। वही हवा की रफ्तार भी 15 किलोमीटर प्रति घंटा से कम रही है। दिल्ली के अन्य इलाकों की बात करें तो लोधी रोड 7.9 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा इलाका रहा। वहीं, मुंगेशपुर 8.7, जफरपुर 9.6 व पालम 10.6 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडे इलाके रहे।
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल हवाओं का रुख उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर है। इस वजह से उत्तरी हिमालय की ओर से आने वाली सर्द हवाएं राजधानी में ठंड का अधिक एहसास करा रही हैं। बुधवार को भी सुबह- शाम के समय लोगों को अधिक ठिठुरन महसूस हुई।
वहीं, दोपहर में हल्की धूप की वजह से लोगों को राहत मिली। गौरतलब है कि इस बार नवंबर में अधिक सर्दी पड़ने की वजह से मौसम विभाग ने इस सीजन कड़ाके की ठंड पड़ने की जानकारी दी है।
ऐसे में आगामी दिनों में राजधानी में कंपकपाती सर्दी का जल्द ही एहसास और बढ़ेगा। उल्लेखनीय है कि अब तक का रिकॉर्ड तापमान 29 नवंबर 1938 को 3.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।