एम्स के विशेषज्ञों ने इसके प्रभाव के लिए दिल्ली के मोरी गेट और गुरुग्राम में चयनित लोगों पर एक अध्ययन किया। अध्ययन में पाया गया कि दिल्ली में स्मॉग छाने के कारण लोगों को धूप कम मिली जिस कारण उसमें विटाामिन डी की कमी मिली। पर्याप्त धूप के कारण गुरुग्राम के लोगों में यह समस्या कम दिखी। समय के साथ दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। साथ ही स्मॉग छाने की समस्या भी गंभीर हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में सुबह 10 बजे से दोपहर ढाई बजे का समय सूर्य की किरणों के लिए उचित है। इस समय धूप में पर्याप्त अल्ट्रावायलेट किरणें होती हैं जो हड्डियों के लिए जरूरी हैं। यदि इस दौरान केवल 15 से 20 मिनट कोई सीधे धूप के संपर्क में रहता है तो शरीर को पर्याप्त विटामिन डी की आपूर्ति हो जाएगी। इंडोक्रिनोलाजी विभाग के प्रोफेसर डाॅ. आर गोस्वामी ने कहा कि शरीर में विटामिन डी के लिए सूर्य की किरणें सबसे प्रभावी स्त्रोत हैं। इसकी मदद से शरीर के लिए जरूरी 90 फीसदी विटामिन की आपूर्ति हो जाती हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 303 दर्ज किया गया। इसमें मंगलवार की तुलना में 40 सूचकांक की गिरावट हुई। वहीं, अब पराली का धुआं नहीं, बल्कि स्थानीय कारकों के कारण प्रदूषण हो रहा है।
डिसिजन स्पोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के मुताबिक, बुधवार को पराली से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से भी कम रह गई है। हवा में परिवहन से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 24.617 फीसदी रही, जबकि अन्य प्रदूषकों की हवा में हिस्सेदारी सबसे अधिक रही, जो 24.628 फीसदी थी। इसके अलावा कूड़ा जलने से होने वाले प्रदूषण की 2.337 फीसदी हिस्सेदारी रही। इधर, बवाना, अशोक विहार, जहांगीरपुरी समेत 19 इलाकों में एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। साथ ही, डीटीयू, दिलशाद गार्डन, चांदनी चौक सहित 18 इलाकों में हवा खराब श्रेणी में रही। आईआईटीएम के मुताबिक, बृहस्पतिवार को पूर्वी दिशा से हवा चलने का अनुमान है।
एनसीआर में प्रदूषित शहर
दिल्ली-------303
ग्रेटर नोएडा----230
गाजियाबाद----215
गुरुग्राम-------217
नोएडा-------207
फरीदाबाद-----186
गुरुवार सुबह सात बजे दिल्ली में अधिकतम एक्यूआई
-शादीपुर---------372
-मुडंका----------356
-बवाना----------339
-आनंद विहार------333
-द्वारका सेक्टर-आठ--329
-जहांगीरपुरी-------306
(नोट : सभी आंकड़े सीपीसीबी के मुताबिक)