शुक्रवार को दिल्ली में चली आंधी से विश्व धरोहर हुमायूं के मकबरे के गुंबद पर लगा धातु का कलश गिर गया। गनीमत रही कि इस विश्व धरोहर को अधिक क्षति नहीं पहुंची और न ही कोई घायल हुआ।
यह धातु का कलश हुमायूं के मकबरे के ऊपर गुंबद की सुंदरता के लिए लगाया गया था। उसमें कई जगह लकड़ी का इस्तेमाल भी किया गया था। कई लोग आगा खां ट्रस्ट पर भी सवाल खड़ा कर रहे हैं।
क्योंकि पूरे हुमायूं के मकबरे के जीर्णोद्धार की जिम्मेवारी इसी को दी गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धातु कलश शुक्रवार शाम के समय गिरने के बाद तेज आवाज सुनाई दी।
आंधी के चलते उस समय तो कोई उस ओर नहीं गया, लेकिन जैसे ही हवा का दबाव कम हुआ तो सभी सुरक्षाकर्मी गुंबद की ओर मुखातिब हुए।
उसके बाद पता चला कि गुंबद पर लगा धातु का कलश गिर पड़ा है। धातु के कलश को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने सुरक्षित हुमायूं के मकबरे में रख दिया है।
इसे देखने के लिए काफी संख्या में पर्यटक मकबरे में पहुंच रहे हैं, लेकिन विभाग ने फिलहाल देखने की मनाही लगा दी है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक राकेश तिवारी का कहना है कि गुंबद पर लगा धातु का कलश आंधी के चलते गिरा है। उसे सुरक्षित वहीं पर रखा गया है। लकड़ी पर लगा होने केचलते तेज हवा से यह गिर पड़ा।
दिल्ली जू में गिरे हैं कई पेड़
आंधी से दिल्ली चिड़ियाघर में कई जगह पेड़ तो कई टहनियां भी बाड़े पर गिर गए हैं। पेड़ की टहनियां कई जगह बाड़े की जाली पर गिर पड़े हैं। शनिवार को गिरे हुए पेड़ और उसकी टहनियों को हटाने का कार्य किया गया।