Rain in Delhi NCR: दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में शनिवार दोपहर नौतपा के बीच अचानक मौसम बदल गया। गुरुग्राम में 40 से 80 किमी/घंटा की रफ्तार से धूलभरी तेज हवाएं चलने लगीं तो वहीं नोएडा-दिल्ली में झमाझम बारिश शुरू हो गई।
दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में नौतपा के बीच शनिवार दोपहर में मौसम अचानक से बदल गया। सुबह से आसमान में धूप छाई हुई थी। लेकिन दोपहर होते होते आसमान में बादल छाने लगे। जिसके बाद अचानक से मौसम बदल गया और पहले तेज हवाएं चलने लगीं।
दिल्ली से सटे गुरुग्राम शहर में दोपहर के वक्त धूलभरी आंधी चलने लगी। साथ तेज हवाएं 40 से 80 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने गी। वहीं दूसरी तरफ नोएडा में भी अचानक से मौसम बदल गया। आसमान में बादल छाने के कुछ देर बाद ही झमाझम बारिश शुरू हो गई। सड़कों पर लोग बारिश से बचने के लिए जगह जगह खड़े हो गए।
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दिल्ली एनसीआर में बारिश
- फोटो : अमर उजाला गुरुग्राम
दो दिन बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को चेतावनी देते हुए बताया था कि अगले दो दिनों तक हल्की बारिश और बादलों के छाए रहेंगे। जिसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया था। अगले दो दिन तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। दूसरी ओर, शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान भी 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में यह 4.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। यह लगभग 12 दिन बाद इतना नीचे आया है।
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दिल्ली में बारिश
- फोटो : जी पाल
चार जून तक दोबारा 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर जाएगा पारा
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक हल्की बारिश की संभावना जताई है। एक जून के बाद आसमान साफ रहेगा। इसके साथ ही पारा बढ़ने की संभावना है। अनुमान है कि 4 जून तक पारा 40 से 42 डिग्री पहुंच सकता है।
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दिल्ली एनसीआर में बारिश
- फोटो : भूपिंदर सिंह/दिल्ली
डस्ट पोर्टल 2.0 लॉन्च होगा
दिल्ली में बढ़ते धूल और निर्माण प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार अब तकनीक आधारित सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने जा रही है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) जल्द ही डस्ट पोर्टल 2.0 लॉन्च करेगी, जिसके जरिए राजधानी की निर्माण साइटों पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी। एआई कैमरे, पीएम 2.5 व पीएम 10 सेंसर और क्यूआर कोड आधारित सिस्टम के माध्यम से न केवल नियमों का उल्लंघन करने वाली साइटों की पहचान होगी, फील्ड अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संकेत दिए कि अब प्रदूषण नियंत्रण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा और लापरवाही पर सीधे कार्रवाई होगी। सरकार का मानना है कि धूल प्रदूषण को रोकने के लिए पारंपरिक निगरानी व्यवस्था अब प्रभावी नहीं रह गई है। इसी कारण नए पोर्टल को पूरी तरह एआई आधारित बनाया गया है। बड़े निर्माण स्थलों पर लगाए गए कैमरे और सेंसर लगातार डेटा कंट्रोल रूम तक भेजेंगे। यदि किसी साइट पर धूल का स्तर तय सीमा से ऊपर पहुंचता है तो सिस्टम स्वतः संबंधित अधिकारियों को अलर्ट जारी करेगा।
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दिल्ली एनसीआर में बारिश
- फोटो : भूपिंदर सिंह/दिल्ली
ऐसे होगी निगरानी
डस्ट पोर्टल 2.0 निर्माण स्थलों पर डस्ट नेट, एंटी-स्मॉग गन और पानी के छिड़काव जैसी जरूरी व्यवस्थाओं की भी निगरानी करेगा। जिन साइटों पर ये इंतजाम नहीं पाए जाएंगे, वहां तुरंत नोटिस जारी कर दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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दिल्ली एनसीआर में बारिश
- फोटो : लाल सिंह/नोएडा
तीन स्तर का होगा अलर्ट सिस्टम
सरकार ने निगरानी के लिए तीन स्तर का अलर्ट सिस्टम तैयार किया है। शुरुआती उल्लंघन पर येलो अलर्ट जारी होगा। ऑडिट में गंभीर अनदेखी मिलने पर ऑरेंज अलर्ट सक्रिय किया जाएगा, जबकि गंभीर स्थिति में रेड अलर्ट जारी कर संबंधित एजेंसियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रदूषण बढ़ने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि शुरुआती स्तर पर ही रोकथाम सुनिश्चित करना है।
हवा में सुधार, ग्रैप-1 की पाबंदियां हटीं
लोगों को प्रदूषण से बीते शुक्रवार को बड़ी राहत मिली है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्र वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने आदेश जारी कर पूरे एनसीआर में लागू ग्रैप-1 की पाबंदियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। तेज हवाओं और हल्की बारिश के कारण दिल्ली की वायु गुणवत्ता में काफी सुधार आया है, जिससे शुक्रवार की शाम 4 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 123 दर्ज किया गया।