दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार खराब चल रही है। रविवार को 57वां दिन रहा जब वायु गुणवत्ता खराब रिकॉर्ड की गई। दिल्ली-एनसीआर में 7 अक्तूबर से लगातार वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी हुई है। रविवार को धुंध भी रही।
फिरोजशाह कोटला मैदान से दो किलोमीटर की दूरी पर आईटीओ में पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 अपने सामान्य मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से करीब चार गुना ज्यादा 212 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने शाम 4 बजे दिल्ली की रीयल टाइम वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 351 (बहुत खराब) रिकॉर्ड किया, जबकि शाम छह बजे एक्यूआई 361 तक पहुंच गया। यह आंकड़ा बहुत खराब वायु गुणवत्ता को प्रदर्शित करता है। शनिवार को 24 घंटे के आधार पर दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 331 रिकॉर्ड किया गया था।
दिल्ली-एनसीआर के कुल 22 मॉनिटरिंग स्टेशनों की बात की जाए तो 7 स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी से भी ऊपर दर्ज की गई। इनमें मथुरा रोड (444), आनंद विहार (434), वसुंधरा (400), दिल्ली तकनीकी यूनिवर्सिटी (347), आरकेपुरम (318), नोएडा सेक्टर-125 (373), शादीपुर (257) एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। 401-500 के बीच एक्यूआई गंभीर वायु गुणवत्ता और 301 से 400 के बीच वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी को दर्शाता है।
क्यों खराब है वायु गुणवत्ता?
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सीपीसीबी के वैज्ञानिक डॉ. डी साहा के अनुसार, पहला और प्रमुख कारण मौसम को बताया जा रहा है। इस समय में वायुमंडलीय मिश्रित परत (मिक्सिंग हाइट) सतह से काफी नीचे आ जाती है। सतह से इसकी औसत ऊंचाई 1000 मीटर होनी चाहिए। मौजूदा समय में यह 400 से 500 मीटर है।
इसमें प्रदूषक तत्व जाकर मिल जाते हैं और उन्हें फैलने के लिए रास्ता नहीं मिलता है। दूसरा कारण, वातावरण में नमी बढ़ने से भी वायु गुणवत्ता खराब हुई है। इसके अलावा प्रदूषण के सभी प्रमुख स्रोत उद्योग, वाहन, निर्माण कार्य जारी हैं।
अगले तीन दिन तक ऐसे ही हालात
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉर कास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक, अगले तीन दिन तक हवा की स्थिति यही रहेगी। सफर ने अपनी हेल्थ एडवाइजरी में कहा है कि एन-95 पी-100 मास्क ही पहनें और सुबह-शाम वॉक न करें। वहीं, सीएसई की महानिदेशक सुनीता नारायण ने अमेरिका से निर्यात किए जा रहे खराब गुणवत्ता वाले फ्यूल को लेकर ट्वीट कर कहा कि हमें इस देश को दुनिया का कूड़ाघर नहीं बनने देना चाहिए। हमारे यहां पहले से ही वायु प्रदूषण के कारण मौतें हो रही हैं।
CPCB के अनुसार शहरों की वायु गुणवत्ता
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शहर एक्यूआई
दिल्ली 351
नोएडा 381
गाजियाबाद 458
फरीदाबाद 328
गुरुग्राम 320
नोट- सीपीसीबी के यह आंकड़े हवा की सेहत बताते हैं। इन्हें एक्यूआई की विभिन्न श्रेणियों के तहत समझा जाता है। एक्यूआई यदि 301 से 400 के बीच हो तो हवा बहुत खराब और यदि एक्यूआई 401 से 500 के बीच हो तो यह आंकड़ा गंभीर स्थिति को बताता है। सभी आंकड़े शाम 4 बजे तक बीते 24 घंटों की औसत स्थिति बताते हैं।