दिल्ली में 10 नवंबर तक सभी स्कूल बंद
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने 10 नवंबर तक के लिए सभी स्कूलों को बंद कर दिया है।
दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने एक्स पर लिखा कि 'चूंकि प्रदूषण का स्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है, इसलिए दिल्ली में प्राथमिक स्कूल 10 नवंबर तक बंद रहेंगे। ग्रेड 6-12 के लिए स्कूलों को ऑनलाइन कक्षाओं में शिफ्ट होने का विकल्प दिया गया है'
प्रदूषण पर केजरीवाल की बैठक
दिल्ली सचिवालय में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल प्रदूषण को लेकर हाई लेवल बैठक की इस बैठक में मंत्री गोपाल राय, आतिशी, सौरभ भारद्वाज और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि बीते दिन के मुकाबले दिल्ली में वायु गुणवत्ता में थोड़ा सा सुधार हुआ है। लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के लिए बता दें कि रविवार को दिल्ली की हवा पूरे एनसीआर में सर्वाधिक प्रदूषित रही। ऐसे में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) एक बार फिर बढ़ गया है। वायु सूचकांक 457 दर्ज किया गया, जोकि शनिवार के मुकाबले 39 सूचकांक की वृद्धि हुई है। द्वारका सेक्टर-8 व बवाना में समेत 28 इलाकों में हवा गंभीर श्रेणी में रही। सबुह से ही स्मॉग की चादर छाई नजर आई, दोपहर में धूप निकलने के बाद भी इससे कोई राहत नहीं मिली। दिल्ली में समग्र रूप से हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। कमोबेश यही स्थिति बुधवार तक बने रहने का अनुमान है।
ड्रोन कैमरे से दिखा दिल्ली में प्रदूषण का हाल
दिल्ली के कई इलाकों में वायु प्रदूषण के बीच ड्रोन से लिए गए वीडियो सामने आ रहे हैं। जिसमें स्मॉग की चादर में दिल्ली लिपटी नजर आ रही है। कालिंदी कुंज इलाके में भी यमुना नदी पर कोहरे की चादर नजर आ रही है।
दिल्ली में मेडिकल इमरजेंसी
दिल्ली के एलएनजेपी अस्पकाल के मेडिकल डायरेक्टर सुरेश कुमार ने बाताय कि बीते कुछ दिनों से दिल्ली में प्रदूषण गंभीर बना हुआ है। एक्यूआई 500 तक पहुंच गया है। यह एक मेडिकल एमरजेंसी है। लोगों को सांस लेने में दिक्कत, गले में दर्द, खांसी और आंखों में जलन हो रही है। हर दिन कम से कम 25 से 30 मरीज आ रहे हैं। ऐसे में हमें मास्क पहनना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने भाजपा और आप पर कसा तंज
दिल्ली में दमघोंटू प्रदूषण को लेकर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब इस तरह की समस्या सामने आई है। हर साल वादे होते हैं। इससे पहले जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी। तब आपने आरोप लगाए थे। लेकिन अब आप की सरकार है। आप बैठकें कर रहे हैं। केंद्र सरकार चुनाव प्रचार में व्यस्त है। दिल्ली में प्रदूषण के लिए भाजपा और आप जिम्मेदार हैं।
दिल्ली एनसीआर का एक्यूआई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक दिल्ली में रविवार को 28 इलाकों में एक्यूआई गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। वहीं, शनिवार के मुकाबले चार इलाकों में हवा गंभीर श्रेणी में की ओर बढ़ गई है। वहीं, दो इलाकों में हवा बेहद खराब रही। इसमें द्वारका सेक्टर-8 में 487, बवाना में 482, नजफगढ़ में 481, मुंडका में 480, पंजाबी बाग में 478, शादीपुर में 476 एक्यूआई दर्ज किया गया। साथ ही, वजीरपुर में 474, डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में 478 समेत कई इलाकों में एक्यूआई गंभीर श्रेणी दर्ज किया गया। वहीं, दिलशाद गार्डन में 368 व आरके पुरम में 392 एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया।
बुधवार तक खतरनाक श्रेणी में पहुंच सकती है हवा
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक रविवार को हवाएं उत्तर-पश्चिम से उत्तर-पूर्वी दिशा की ओर से चली। इस दौरान हवा की गति 4 से 6 किलोमीटर प्रतिघंटे से रही, जोकि बेहद कम गति है। सोमवार को हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा की गति 4 से 6 किलोमीटर प्रतिघंटे से चलेंगी। ऐसे में हवा खतरनाक श्रेणी में पहुंचने का अनुमान है। वहीं, सुबह के समय धुंध के साथ कोहरा छाए रहने की आशंका है। वहीं, मंगलवार को हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर से चलेंगी। हवा की चाल 6 से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे रहने का अनुमान है। सफर इंडिया के मुताबिक रविवार को दिल्ली में पीएम 2.5 की मात्रा लगभग 321 दर्ज की गई, जोकि गंभीर श्रेणी में है। वहीं, पीएम 10 की मात्रा करीब 488 दर्ज की गई, जोकि खतरनाक स्तर है।
ग्रेटर नोएडा में सबसे प्रदूषित रही हवा
सीपीसीबी के अनुसार एनसीआर में दिल्ली के बाद फरीदाबाद का सबसे अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया गया। यहां एक्यूआई 450 रहा, जोकि गंभीर श्रेणी है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में 410, नोएडा में 414, गाजियाबाद में 394 व गुरुग्राम में 402 एक्यूआई दर्ज किया गया।
ग्रैप का चौथा चरण
1. दिल्ली के बाहर से आने वाले सभी ट्रकों के प्रवेश पर पाबंदी रहेगी। हालांकि, जरूरी सामान लाने वाले व सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों पर पाबंदी से छूट दी गई है।
2. दिल्ली में पंजीकृत मध्यम व भारी डीजल संचालित माल वाहनों पर प्रतिबंध। जरूरी सामान वाले वाहनों को छूट मिलेगी।
3. एनसीटी दिल्ली व एनसीआर में डीजल चलित चार पहिया वाहनों पर रोक रहेगी। हालांकि, आपातकालीन वाहनों को छूट दी गई है। इस श्रेणी में केवल बीएस-6 वाहन चल सकते हैं।
4. एनसीआर में उद्योगों पर पाबंदी। जहां पीएनजी ईंधन की सुविधा नहीं है और सरकार द्वारा अधिकृत सूची से बाहर के ईंधन का उपयोग किया जा रहा है तो रोक लगेगी। हालांकि, दूध व डेयरी उत्पादों और मेडिकल उपकरणों से जुड़े उद्योगों को छूट दी जाएगी।
5. निर्माण व विध्वंस गतिविधियों पर रोक। इसके अलावा फ्लाईओवर, राजमार्ग, पुल व पाइपलाइन समेत अन्य गतिविधियों पर रोक।
6. केंद्र सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को घरों से काम करने की छूट दे सकती है।
7. एनसीआर राज्य सरकारें सार्वजनिक, निगम और निजी दफ्तरों में 50 फीसदी क्षमता के साथ घरों से काम करने की छूट दे सकती है।
8. राज्य सरकारें स्कूल व कॉलेज को बंद करने के साथ गैर आपातकालीन वाणिज्यिक गतिविधियों को बंद कर सकती है।