गुरुवार को बाल दिवस पर ज्यादातर स्कूलों के बच्चे जहरीली हवा के चलते घरों में कैद रहने को मजबूर रहे। कई स्कूली बच्चों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर प्रदूषण से निपटने के कदम उठाने की अपील की।
दरअसल, पूरे दिल्ली-एनसीआर की हवा मानक से दस गुना से ज्यादा खराब रही। नोएडा व गाजियाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहर रहे। दोनों शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 486 रहा। दिल्ली का सूचकांक 463 दर्ज किया गया।
बाल दिवस पर सोशल मीडिया पर भी बच्चों की चिंता और प्रदूषण का मुद्दा छाया रहा। बच्चों के मन की बात से कई बच्चों ने हस्तलिखित पत्र ट्विटर पर साझाकर प्रधानमंत्री से प्रदूषण से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की।
बच्चों का कहना था कि हम साफ हवा में सांस लेना चाहते हैं। हमारी मदद करें। बढ़ते प्रदूषण के चलते ही दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों में दो दिन की छुट्टी की गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ईपीसीए शुक्रवार को स्थिति की समीक्षा कर आगे का फैसला करेगा।
मौसम विभाग ने बताया, दिल्ली-एनसीआर में हवा की चाल 5-10 किमी प्रति घंटे है। इससे स्मॉग छंट नहीं रहा है। बादल रहने से धूप नहीं हुई। तापमान कम होने से मिक्सिंग हाइट ऊपर नहीं जा सकी। इससे प्रदूषक आसमान में दूर तक नहीं फैल सके।
हवा सुधरने के लिए करना होगा इंतजार
मौसमी दशाओं में फेरबदल से हवा रविवार को बेहतर हो सकती है। इससे पहले गुणवत्ता में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्त्रस्वार को भी हवा की चाल स्थिर रहेगी। आसमान में बादल छाए रहने से मिक्सिंग हाइट ऊपर नहीं जाएगी। शनिवार को हवा 20 किमी प्रति घंटा होने से प्रदूषण छंटने की उम्मीद है। इसके बावजूद प्रदूषण स्तर बेहद खराब ही बना रहेगा।
वायु गुणवत्ता सूचकांक
शहर बृहस्पतिवार बुधवार
गाजियाबाद 486 467
नोएडा 486 470
ग्रेटर नोएडा 467 462
दिल्ली 463 456
फरीदाबाद 437 446
गुरुग्राम 412 415