पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण ने प्रदूषण को मौजूदा स्तर पर नियंत्रित करने के लिहाज से निजी वाहनों के कम से कम इस्तेमाल की सलाह दी है। ताकि वाहनों से निकलने वाले जहरीले गैसों का उत्सर्जन कम हो सके। चार से 10 नवंबर के दौरान परिवहन विभाग को भी प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम न लगे, इसपर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। टास्क फोर्स ने इस दौरान बिजली की आपूर्ति को भी सुचारु बनाए रखने की अपील की है ताकि बिजली कट की वजह से डीजी सेट्स के संचालन की जरूरत न हो।
विशेषज्ञों के मुताबिक हवा के रुख, सूर्य की स्थिति, तापमान, हवा में आद्रता सहित मौसम से जुड़े अन्य पहलुओं का प्रदूषण स्तर में उतार चढ़ाव से गहरा ताल्लुक है। सेटेलाइट इमेल में भी दिल्ली के बाहरी और आसपास के क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं दिखी हैं। माना जा रहा है कि अगले दो दिनों तक हवा की रफ्तार धीमी होने की वजह से प्रदूषित कण हवा में फंसे रहेंगे, जिससे प्रदूषण और भी अधिक महसूस होगा। सीपीसीबी के पूर्व अधिकारी डी. शाह के मुताबिक अगर हवा की रफ्तार तेज होती है तो प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी नहीं होगी।
प्रदूषित हवा से बचने के लिए लगाएं प्यूरीफायर
हवा में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए जानकार एयर प्यूरीफायर लगाने की सलाह दे रहे हैं। सड़कों पर रोजाना अपनी ड्यूटी पर आने जाने वाले खासकर उन्हें अधिक दिक्ततों का सामना करना पड़ सकता है, जो सांस संबंधी बीमारी के शिकार हैं।