फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली-एनसीआर में पटाखे जलने से जहरीली हुई हवा, लोधी रोड में 500 तो हापुड़ में 657 पहुंचा PM 2.5

Mon, 28 Oct 2019 10:27 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

- हवा में पीएम 2.5, 50 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ज्यादा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है
- पीएम 2.5 के कण जब हवा में ज्यादा बढ़ते हैं तो वायु की गुणवत्ता खराब होने लगती है
- हवा में मौजूद बारीक धूल कणों को पीएम 2.5 और मोटे धूल कड़ों को पीएम 10 कहते हैं
 
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिवाली की रात में बैन के बावजूद बड़ी मात्रा में पटाखे जलने से दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली हो गई है। जहां लोधी रोड जैसे इलाके में सोमवार सुबह(दिवाली के अगले दिन) पीएम(पार्टिकुलेट मैटर) 2.5 का स्तर 500 पहुंच गया, वहीं गाजियाबाद से सटे हापुड़ में यह 657 के स्तर पर दर्ज किया है।
विज्ञापन


बीती रात दिल्ली में नगर निगम ने प्रदूषण रोकने के लिए फॉगिंग की। दिल्ली में दिवाली पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां भी उड़ीं। समय की पाबंदी के बाद लोगों ने देर तक पटाखे जलाए जिसके चलते सोमवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब हो गई।



जहां दिल्ली के लोधी रोड इलाके में पीएम 2.5 500 पर दर्ज किया गया वहीं मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम और इंडिया गेट पर पीएम 2.5 240 के स्तर पर और पीएम 10 182 के स्तर पर दर्ज किया गया जो अस्वस्थ(अनहेल्दी) माना जाता है। वहीं गाजियाबाद की हवा 'वेरी पुअर' यानी बहुत खराब स्तर पर पहुंच गई है।
विज्ञापन



क्या है विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के गुणवत्ता मानकों के तहत, सूक्ष्म कण पदार्थ (पीएम 2.5) के लिए 10 माइक्रोग्राम/घन मीटर वार्षिक माध्य (मीन) और 25 माइक्रोग्राम/घन मीटर 24 घंटे का माध्य होना चाहिए जबकि मोटे कण पदार्थ (पीएम 10) के लिए 20 माइक्रोग्राम/घन मीटर वार्षिक माध्य और 50 माइक्रोग्राम/घन मी 24 घंटे का माध्य होना चाहिए।
Trending Videos
विज्ञापन

 राजधानी दिल्ली में दिवाली के दिन प्रदूषण बढ़ने से धुंध छा गई। प्रदूषण बढ़ने से वायु गुणवत्ता बहुत खराब स्तर पर पहुंच गई। हवा और जहरीली हो गई। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, आरके पुरम, सत्यवती कॉलेज, पटपड़गंज में एयर क्वालिटी इंडेक्स 999 पर पहुंच गया। 

आपको बता दें कि रविवार को दिन में प्रदूषण का स्तर 313 पर पहुंच गया। जैसे ही दोपहर हुई तो एयर क्वालिटी इंडेक्स और भी खराब हो गया। दिल्ली में दोपहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 341 पर पहुंच गया। रात को करीब 11 बजे दिल्ली के लोधी रोड इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक 306 पहुंच गया। 

एयर क्वालिटी इंडेक्स के आंकड़ों के अनुसार, मथुरा रोड इलाके में खराब श्रेणी में क्रमशः 257 और 249 पर रहा। आंकड़ों के मुताबिक, मथुरा रोड इलाके में पीएम-10 का स्तर 2.5 दर्ज किया गया। 
 
इसके अलावा नोएडा और गुरुग्राम में भी वायु गुणवत्ता खराब स्तर पर पहुंच गई। हरियाणा के गुरुग्राम के एनआईएसई ग्वाल पहाड़ी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 279 पर पहुंच गया। जबकि नोएडा के सेक्टर -62 क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 356 को पार कर गया। 
 


 



वहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां भी उड़ती हुई दिखाई दीं। कोर्ट ने दिवाली पर पटाखा छोड़ने के लिए दो घंटे का समय दिया था, लेकिन लोगों ने दिए गए समय के अलावा भी पटाखे छोड़े।

पूर्वी दिल्ली नगर निगम (EDMC) ने फॉगिंग की। निगम द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के उपाय के रूप में लक्ष्मी नगर इलाके में सड़कों पर पानी का छिड़काव किया। 
 


आपको बता दें कि दिल्ली के सीरी फोर्ट और आनंद विहार की हवा शनिवार को बेहद खराब रही। दोनों इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 350 के पार पहुंच गया। हालांकि पूरी दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक में शुक्रवार की तुलना में सिर्फ तीन अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शनिवार को सूचकांक 287 दर्ज किया गया। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें