करीब एक सप्ताह तक गंभीर श्रेणी के आंचल से दूर रही दिल्ली की हवा ने शनिवार को फिर गंभीर श्रेणी का दामन थाम लिया। इससे पहले एनसीआर के शहरों में शामिल गाजियाबाद व ग्रेटर नोएडा की हवा गंभीर श्रेणी में बनी हुई थी, लेकिन शनिवार को दिल्ली को नोएडा का भी साथ मिला और हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड( सीपीसीबी) के अनुसार, शनिवार को राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 404 रहा। इससे एक दिन पहले यह 382 रहा था। वहीं, शुक्रवार को 348, बुधवार को 373 मंगलवार को 367, सोमवार को 318, रविवार को 256, शनिवार को 236 व शुक्रवार को 137 रहा था, जबकि गत सप्ताह बुधवार को दिल्ली की हवा 400 से अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई थी।
सफर के अनुसार, पिछले 2 दिनों से पराली के धुएं की प्रदूषण में शून्य फीसदी हिस्सेदारी रही है। इस कड़ी में शनिवार को भी दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा, पंजाब व उत्तर प्रदेश में करीब 296 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई। इससे उत्पन्न होने वाले पीएम 2.5 की प्रदूषण में शून्य फीसदी हिस्सेदारी रही। इससे एक दिन पहले 302 घटनाएं दर्ज की गई थी, वहीं शुक्रवार को यह आंकड़ा 249 के साथ 2 फ़ीसदी रहा था।
पिछले 24 घंटों में पीएम 2.5 के स्तर में भी इजाफा हुआ है। इस कड़ी में पीएम 10 365 और पीएम 2.5 का स्तर 217 है, जबकि 1 दिन पहले पीएम 10 का स्तर 348 रहा था। बृहस्पितवार को पीएम 10 का स्तर 270 और पीएम 2.5 ा स्तर 170 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा था।
बढ़े हुए प्रदूषण की वजह से शनिवार को दिल्ली- एनसीआर में स्मॉग की हल्की परत देखने को मिली। ऐसे में लोगों को भी परेशानी हुई। शनिवार को हवाओं का रुख दक्षिण दिशा की ओर रहै। वेंटिलेशन इंडेक्स कम होने व हवा की रफ्तार घटने की वजह से प्रदूषण को बढ़ने में मदद मिली है। हालांकि, आगामी दो दिनों में हवा की रफ्तार बढ़ने और वेंटिलेशन इंडेक्स में सुधार होने की वजह से हवा की स्थिति में सुधार होने की संभावना है।