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जहरीली बनी हुई है दिल्ली-एनसीआर की हवा, बढ़ते प्रदूषण से बारिश दिला सकती है राहत

Tue, 13 Nov 2018 10:23 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली की हवा में सोमवार को बेहद मामूली सुधार दिखा। जबकि एनसीआर के शहरों की वायु गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है। वहीं मंगलवार को भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। आज कई इलाकों में बादल भी देखे जा रहे हैं और माना जा रहा है कि आज या कल में बारिश हो सकती है जिससे प्रदूषण भी कम होगा।

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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक यूपी के नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के फरीदाबाद में हवा सुर्ख लाल यानी गंभीर श्रेणी में मौजूद है। वहीं पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने कहा है कि यदि दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता फिलहाल नहीं सुधरती है तो सिर्फ सीएनजी वाहनों को ही चलाने की इजाजत दी जा सकती है।
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ईपीसीए ने निजी पेट्रोल-डीजल वाहनों पर रोक का कोई फिलहाल निर्णय नहीं लिया है, लेकिन संबंधित विभागों से राय मांगकर यह संकेत दिया है कि यदि हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो यह कदम भी उठाया जा सकता है। इसमें दो पहिया वाहन से लेकर चार पहिया वाहन तक  शामिल होंगे।

सीपीसीबी की ओर से सोमवार को जारी 24 घंटे की औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली का एक्यूआई बहुत खराब (399) और अन्य एनसीआर शहरों का एक्यूआई गंभीर (400) से अधिक बना हुआ है।

सीपीसीबी ने अपनी हेल्थ एडवाइजरी में बीमार लोगों को विशेष ख्याल रखने और सामान्य लोगों को खुले वातावरण में मेहनत वाले काम से बचने को कहा है। हवा की यह स्थिति 14 नवंबर तक बनी रह सकती है।

शहर में वापस आए निजी वाहन, बढ़ी हलचल

दिवाली की लंबी छुट्टी के बाद रविवार की रात से सोमवार की सुबह तक कई निजी वाहन वापस दिल्ली-एनसीआर में लौट आए। वाहनों की संख्या बढ़ने और आवागमन से धूल के कणों को भी उड़ने का मौका मिला। सीपीसीबी के मुताबिक इस वक्त उच्च आर्द्रता और तापमान में हो रही गिरावट के कारण प्रदूषण के तत्व एक जगह जमा हैं। हवा की रफ्तार भी कमजोर है। 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से अधिक हवा ही ऐसे प्रदूषण तत्वों को छांट सकती है।   

सामान्य से पांच गुना पीएम 10 और पीएम 2.5
सीपीसीबी की ओर से दिल्ली-एनसीआर में स्थापित केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (सीसीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर की हवा में प्रभावी प्रदूषण तत्व पर्टिकुलेट मैटर 10 और पर्टिकुलेट मैटर 2.5 की स्थिति बेहद खराब है।

सोमवार की रात आठ बजे तक पीएम 10 अपने सामान्य मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से करीब पांच गुना अधिक 457 तक रिकॉर्ड हुआ वहीं पीएम 2.5 भी सामान्य मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से करीब पांच गुना अधिक 262 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड हुआ।

हवा में मौजूद पर्टिकुलेट मैटर 10 और बेहत महीन पीएम 2.5 कण श्वास के रास्ते शरीर में दाखिल होते हैं और ये कई ऑर्गन के लिए खतरनाक हैं। लंबे वक्त तक ऐसे प्रदूषण के प्रभाव में रहने से कई बीमारियां चपेट में ले सकती हैं।  

दिल्ली-एनसीआर वायु गुणवत्ता सूचकांक  
शहर                 एक्यूआई  स्थिति  
                 12 नवंबर    11 नवंबर   10 नवंबर     
दिल्ली            399          405           401 
फरीदाबाद      454         461           440     
गाजियाबाद     423         440           403       
नोएडा            401        445           386 
ग्रेटर नोएडा    454         436           420
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अधिकारी रहे नदारद, व्हाट्सएप पर हुई बैठक  

हवा की खराब स्थिति को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सोमवार को 34वीं टास्क फोर्स की बैठक एक नए तरीके से संपन्न हुई। न ही अधिकारी एकजुट हुए और न ही कोई बैठक की औपचारिकता की गई। यह महत्वपूर्ण बैठक व्हाट्स एप पर संपन्न की गई और वहीं पर निर्माण कार्य और ट्रकों के प्रवेश को लेकर  सुझाव भी तैयार कर लिए गए।

सीपीसीबी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सभी अधिकारी शहर में मौजूद नहीं थे। जबकि स्थिति ऐसी थी कि बैठक को टाला नहीं जा सकता था। व्हाट्सएप पर ही सभी अधिकारियों को एकजुट किया गया। यह तरीका बेहतर है।

इसमें हम किसी सहमति और निर्णय को लिखित तौर पर दर्ज किया गया है। हवा की खराब गुणवत्ता के दौरान लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत ट्रकों के प्रवेश और निर्माण कार्य पर प्रतिबंध संबंधी सुझाव के लिए टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई थी।

कल हो सकती है हल्की बारिश
प्रदूषण से परेशान शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है। मौसम का बदलाव उनके लिए थोड़ी राहत लेकर आ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 13 नवंबर से शहर में बहने वाली हवाओं की दिशा बदल रही है। अब तक पश्चिम की ओर से बहने वाली हवाएं के आज से पूर्व से बहने का अनुमान है।

साथ ही हवाओं के बहाव में तेजी आने का भी संभावना है। 14 नवंबर को हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। 17 से 18 नवंबर के बीच शहर के तापमान में हल्की गिरावट भी आ सकती है। हवाओं का बहाव तेज होने का असर प्रदूषण पर भी पडे़गा। तेज रफ्तार से बहने वाली हवाएं प्रदूषण को कम करने में सहायक होती हैं। साथ ही यदि बारिश होती है तो उससे भी प्रदूषण के स्तर में कमी आती है।
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