उत्तरी जिला के स्पेशल स्टाफ ने मांग पर लग्जरी कार चुराने के आरोप में राष्ट्रीय स्तर के शूटर सहित दो को गिरफ्तार किया है। चोरी के लिए जैमर का उपयोग करके कार में लगे जीपीएस सिस्टम को निष्क्रिय कर उसका सॉफ्टवेयर डिकोड कर देते थे। चोरी की कार अपने संपर्को के माध्यम से पूर्वोत्तर राज्यों और कोलकाता में बेचते थे। आरोपियों की पहचान यूपी के संभल निवासी याशिर ऊर्फ शिकारी और गुलाम नबी के रूप में हुई है।
याशिर अलीगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के शूटिंग चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुका है और वह मरेठ शूटिंग रेंज में नियमित तौर पर अभ्यास के लिए भी जाता है। पहले वह दिल्ली के आश्रम में कार मैकेनिक था। जबकि गुलाम चोरी की कार बेचने का काम करता था। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी की 11 लग्जरी कार बरामद की है।
उत्तरी जिला की पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि छोटे सिंह नाम के व्यक्ति ने गुलाबी बाग इलाके से 12 अगस्त को मारुति स्विफ्ट कार चोरी की शिकायत पुलिस में की थी। इसके साथ ही इलाके से हुई अन्य लग्जरी कार चोरी की घटना के मद्देनजर जांच में स्पेशल स्टाफ को लगाया गया। पुलिस ने बीते दिनों 10 लग्जरी कार चोरी के मामले में एक बदमाश मो. हबिबुर रहमान को गिरफ्तार किया था। छानबीन में उसने पुलिस को बताया था कि याशिर और गुलाम नबी कार चोरी में संलिप्त हैं।
कुख्यात जुम्मन खान इन दोनों से चोरी की कार खरीदकर उन्हें पूर्वोत्तर के राज्यों में बेचता है। जिसके बाद पुलिस ने कार चोरों की जानकारी जुटानी शुरू की। इसी बीच सूचना मिलने पर स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने 14 अगस्त को चोरी की बलेनों कार सवार याशिर और गुलाम को शक्ति नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। बाद में उनकी निशानेदही पर मेरठ, संभल, इंफाल और मणिपुर से चोरी की कुल ग्यारह कार बरामद की गई।
पूछताछ में आरोपी याशिर ने बताया कि वह मांग के अनुसार संभल से कार चोरी करने दिल्ली आता था। कार चुराने की तकनीक उसने ऑनलाइन सीखी थी। बाद में वह चोरी की कार गुलाम नबी और जुम्मन खान के माध्यम से बेच देता था। कई बार वह कार के पुर्जें अलग कर भी बेचता था। पुलिस अब जुम्मन की तलाश में इंफाल और मणिपुर में छापे मार रही है।
पैड 2 तकनीक का भी कर रहा था इस्तेमाल
36 वर्षीय याशिर ने छठी तक पढ़ाई कर रखी है। कार मैकेनिक होने के कारण उसे कार की तकनीक का अच्छा खासा ज्ञान है। पकड़ा ना जाए इसके लिए वारदात से पहले वह जैमर से कार का जीपीएस सिस्टम को निष्क्रिय कर देता था। वहीं, पैड2 तकनीक द्वारा सॉफ्टवेयर को डिकोड कर कार चुरा वह फरार हो जाता था। जैमर, पैड 2 सहित कार खोलने के लिए चिप लगी चाभी वह ऑनलाइन खरीदता था।