फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nangloi Violence: तीन एफआईआर... ड्रोन से निगरानी, CCTV से हिंसा के गुनहगारों की तलाश; जानें कैसे हुआ बवाल?

Sun, 30 Jul 2023 01:42 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

Muharram Violence Delhi: दिल्ली के नांगलोई में ताजिया निकालते समय बवाल हो गया। भीड़ ने पथराव कर दिया। पथराव में 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। ड्रोन से निगरानी कराई जा रही है। पुलिस ने मामले में तीन एफआईआर दर्ज की हैं।
विज्ञापन
Delhi News - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली के नांगलोई में शनिवार को तय रूट को छोड़कर दूसरे रास्ते पर ताजिया ले जाने के प्रयास पर जमकर हंगामा हुआ। पुलिस ने जुलूस में शामिल लोगों को समझाने का प्रयास किया तो शरारती तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया। हालात इस कदर बिगड़े कि पुलिस के अलावा राहगीरों पर भी भीड़ ने पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर स्थिति को काबू किया। 
विज्ञापन


हालांकि, इस दौरान करीब 12 पुलिसकर्मियों सहित कई लोगों को चोट लग गई। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस के अलावा अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है। पुलिस ड्रोन से हालात की निगरानी कर रही है। जिला पुलिस उपायुक्त हरेंद्र सिंह ने हालात पूरी तरह सामान्य होने का दावा किया है। मामले में तीन एफआईआर की गई हैं।

आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 151, 152, 153, 186, 323, 324, 332, 353, 307, 427 के तहत मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरा को खंगालना शुरू कर दिया और आरोपियों की तलाश की जा रही है। 
विज्ञापन


पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और वीडियो एकत्र किए जा रहे हैं। पुलिस की प्राथमिकता पहले शांति बहाल करने की है। मामला दर्ज कर सभी आरोपियों की पहचान करने के बाद गिरफ्तारी की जाएगी। मोहर्रम के मौके पर इलाके में जुलूस निकाले जा रहे थे। इसमें आठ से दस हजार लोग शामिल थे। 

जुलूस निकालने से पहले पुलिस ने आयोजकों को पूरा रूट तय करके दिया था। जुलूस अलग-अलग इलाकों से होता हुआ नांगलोई चौक पर समाप्त होना था। दोपहर के समय जैसे ही जुलूस चौक पर पहुंचा तो कुछ लोगों ने इसे सूरजमल स्टेडियम की ओर ले जाने का प्रयास किया। पुलिस ने चौक पर बैरिकेडिंग की हुई थी। 


 

लोगों को आगे जाने से रोका तो वह झगड़ा करने पर उतारू हो गए। इस बीच कुछ लोगों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। पथराव के दौरान पीसीआर के अलावा ईआरवी, दो डीटीसी बसें और कई कारों के शीशे टूट गए। कुल 12 वाहनों को क्षति पहुंची। स्थानीय लोगों ने बताया कि भीड़ में मौजूद कई लोग तलवारें और दूसरे हथियार लहरा रहे थे।

लाठीचार्ज होते ही मची भगदड़
पुलिस ने लाठियां भांजकर स्थिति को काबू किया, तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। ड्रोन से निगरानी की जा रही है। बताया जा रहा है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी तो जुलूस में शामिल लोग इधर से उधर भागने लगे। इस दौरान धक्का-मुक्की होने से बाइक से जा रहे कई लोग गिरकर घायल हो गए। 

अचानक हुए पथराव से जान सांसत में आई
नांगलोई में ताजिया जुलूस में शामिल लोगों ने सड़क से गुजर रहे वाहनों पर पथराव करना शुरू कर दिया। इससे डीटीसी बसों में सवार महिला और बच्चे चिल्लाने लगे। पथराव होता देख कंडक्टर ने बस में सवार लोगों को तुरंत नीचे बैठने के लिए कहा। इस दौरान बस पर लगातार पथराव हो रहा था। एसी बसों के शीशे चकनाचूर होकर लोगों पर गिर रहे थे। 

पत्थर लगने से डीटीसी बसों के शीशे टूटे
बसों में सवार लोग किसी तरह से खुद को बचाने की कोशिश कर रहे थे। वहीं, राहगीर बचने के लिए सड़क पर इधर-उधर भाग रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि ज्यादातर छोटे उम्र के बच्चे पथराव कर रहे थे। कुछ लोग हाथों में तलवार लेकर घूमते हुए नजर आए। सार्वजनिक और निजी वाहनों में सवार लोगों की जान सांसत में थी। 

ऐसे हालात को लोग अपने मोबाइल में कैद कर रहे थे। कार में सवार एक शख्स ने जो वीडियो बनाया। उसमें साफ तौर पर देखा जा रहा है कि उसकी कार पर सड़क की दोनों तरफ से पथराव हो रहे हैं और कार के शीशे टूट रहे हैं।

लाठीचार्ज होते ही मची भगदड़
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी तो जुलूस में शामिल लोग इधर से उधर भागने लगे। इस दौरान धक्कामुक्की होने से बाइक से जा रहे कई लोग गिर गए।
 
विज्ञापन

पिछले साल तक सूरजमल स्टेडियम में खत्म होता था जूलूस
बीते साल तक मोहर्रम का जुलूस सूरजमल स्टेडियम में समाप्त होता था, लेकिन इस साल पुलिस व प्रशासन ने जुलूस को चौक पर ही समाप्त करने की अनुमति दी थी। स्टेडियम के भीतर जाने के लिए मना कर दिया गया। प्रशासन व स्थानीय लोगों का कहना था कि जुलूस में मौजूद लोग अंदर स्टेडियम को नुकसान पहुंचाते थे और हरियाली को खत्म कर दिया जाता था। ऐसे में पुराने अनुभवों को देखते हुए इस बार स्टेडियम में अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें