प्रधानमंत्री ने रविवार को मेट्रो की दो बड़ी परियोजनाओं की सौगात दिल्लीवासियों को दी। इसमें जनकपुरी पश्चिम-कृष्णा पार्क एक्सटेंशन कॉरिडोर पर मेट्रो का परिचालन शुरू हुआ तो रिठाला-नरेला-कुंडली कॉरिडोर का शिलान्यास किय गया। जनकपुरी पश्चिम-कृष्णा पार्क एक्सटेंशन कॉरिडोर पर ट्रेनों के शुरू होने से अब नोएडा के बोटेनिकल गार्डन से सीधा कृष्णा पार्क एक्सटेंशन तक मेट्रो सेवा उपलब्ध हो गई है।
29.26 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मेट्रो लाइन मजेंटा लाइन की विस्तार परियोजना है। इससे पहले मजेंटा लाइन पर नोएडा के बोटेनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम तक मेट्रो सेवा उपलब्ध थी। जनकपुरी पश्चिम से आगे करीब दो किलोमीटर का भूमिगत कॉरिडोर बीते दो माह पहले ही तैयार कर लिया गया था। इससे विकासपुरी, कृष्णा पार्क एक्सटेंशन, केशोपुर, पश्चिम विहार और इसके आसपास के लोगों को फायदा होगा।
यह मेट्रो स्टेशन बनेंगे
नाथूपुर, कुंडली, नरेला सेक्टर-5, नरेला, नरेला स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, अनाज मंडी नरेला, भोरगढ़ गांव, डिपो स्टेशन, न्यू सनोठ, बवाना जेजे कॉलोनी, बवाना औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-1, 2, 3, 4, रोहिणी सेक्टर-25, 26, 31, 32, 34, 35, 36, रिठाला, बवाना, नरेला, कुंडली तक जाएगी। हरियाणा तक पहुंचने वाली यह चौथी मेट्रो लाइन होगी, क्योंकि इससे पहले गुरुग्राम, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ में भी मेट्रो पहुंच चुकी है।
विकास को लगेंगे पंख
रिठाला-कुंडली मेट्रो से नरेला-बवाना-अलीपुर के इलाकों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा और विकास में भी तेजी आएगी। यह कॉरिडोर नरेला-बवाना सब-सिटी के विकास को गति प्रदान करेगा और रोहिणी सब-सिटी की काफी समय से लंबित आवश्यकताओं को भी पूरा करेगा। यहां पर कनेक्टिविटी के न होने से लोग रहने के लिए आवास नहीं खरीद रहे हैं। ऐसे में मेट्रो के आने से आवासीय परियोजनाओं को भी पंख लगेंगे।
उपराज्यपाल वीके सक्सेना के दिशा-निर्देश में डीडीए, नरेला सब-सिटी को दिल्ली स्थित विश्वविद्यालयों के सात कैंपस और संस्थानों के साथ मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क, कॉरपोरेट ऑफिस, आईटी पार्क, एम्स और आईजीटीयूडब्ल्यू मेडिकल कैंपस के साथ एजूकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। मेट्रो के इस कॉरिडोर के निर्माण से विकास की योजनाओं में तेजी आएगी। इस इलाके में पहले से ही दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, एनआईटी दिल्ली, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ होम्योपैथी, राजा हरीश चंद्र अस्पताल, अनाज मंडी, स्मृति वन और डीडीए की कई परियोजनाएं भी हैं।