दिल्ली पुलिस को कैलाश हिल्स हाई प्रोफाइल दुष्कर्म और हत्या केस में आरोपी राहुल मीणा का मोबाइल उसके गांव से शनिवार को बरामद हो गया है। मृतक युवती का मोबाइल शुक्रवार को ही बरामद कर लिया गया था। इसके अलावा घटनास्थल कैलाश हिल्स पर शनिवार को वारदात का क्राइम सीन रीक्रिएट किया गया। इस दौरान पुलिस को अहम सबूत मिले हैं।
न्यूज चैनल पर फोटो आते ही बदला प्लान
आईआरएस अधिकारी की बेटी से दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने बताया कि वारदात को अंजाम देकर होटल पहुंचकर आरोपी ने सबसे पहले टीवी पर न्यूज चैनल खोला। यह जानने के लिए उसने जो वारदात की है उसकी खबर चल रही है या नहीं। थोड़ी देर बाद जब उसकी सीसीटीवी फुटेज समाचार चैनलों ने दिखाई तो उसने रात में रेवाड़ी भागने का प्लान बनाया।
हालांकि इससे पहले पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है, जिसकी हिस्ट्री में अश्लील फिल्म देखने और व्हाट्सएप कॉल से कॉल गर्ल्स को सर्वेंट क्वाटर में बुलाने का भी खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि आरोपी यौन संबंध बनाने के बाद किसी तरह का सबूत नहीं छोड़ता था।
कॉल गर्ल्स के सर्वेंट क्वाटर में बुलाने का खुलासा होने पर कैलाश हिल्स के अपार्टमेंट की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं कि किसकी मिलीभगत से लड़कियां कैलाश हिल के अंदर और आसानी से बाहर चली जाती थीं। क्या सिक्योरिटी में भी उसने सेंध की हुई थी। पुलिस इस बारे में पता करने की कोशिश कर रही है।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी अपना मोबाइल फोन गांव में गिरवी रखकर आया था। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को गांव से इस मोबाइल फोन को बरामद कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी मानसिक विकृति से पीड़ित था। आरोपी ने आईआरएस अधिकारी की बेटी से दुष्कर्म के दौरान भी कोई सबूत नहीं छोड़े।
सामान लाने में पैसे की हेराफेरी के साथ चोरी भी करता था आरोपी
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने बताया कि सामान लाने में पैसे की हेराफेरी करने के अलावा साहब के बैग और युवती की मां के बैग से भी पैसे चुराता रहता था। कई बार उसने युवती के कमरे से भी पैसे चुराए हैं।
नहीं है कोई पछतावा व शिकन
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी राहुल को वारदात का पछतावा नहीं है। अधिकारी के मुताबिक उसने पुलिस से कहा कि अगर दीदी (पीड़िता) पैसे दे देती तो ऐसा नहीं होता। चोरी करने का अफसोस नहीं लेकिन दीदी को मारना नहीं चाहिए था, हो गया।
गिरफ्तारी के बाद भी उसका व्यवहार असामान्य रूप से शांत था और उसने कोई पछतावा जाहिर नहीं किया। पूछताछ के दौरान वह काफी सामान्य और चिंतामुक्त था। ऐसा लग रहा था जैसे सब कुछ सामान्य हो।