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Groundwater Exploitation: क्रिकेट स्टेडियमों में भूजल दोहन पर एनजीटी सख्त, छह स्टेडियम को थमाया नोटिस

Sun, 26 Apr 2026 06:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जिनको नोटिस दिया गया उनमें अरुण जेटली स्टेडियम, सवाई मानसिंह स्टेडियम, डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम, भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी एकाना क्रिकेट स्टेडियम, राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और बाराबती स्टेडियम शामिल हैं।
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एनजीटी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने देशभर के प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों में भूजल के अत्यधिक उपयोग और पूर्व आदेशों के अनुपालन नहीं करने पर कड़ा रुख अपनाया है। अधिकरण ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण पर्यावरण संरक्षण का अहम हिस्सा है और इसके उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। यह आदेश एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल और डॉ. अफरोज अहमद की पीठ ने सुनवाई के दौरान दिया। मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई 2026 को निर्धारित की    गई है।

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पीठ ने 2021 के अपने पूर्व आदेश के अनुपालन की समीक्षा करते हुए कहा कि स्टेडियमों में भूजल के स्थान पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के उपचारित जल और वर्षा जल संचयन प्रणाली का उपयोग सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) की रिपोर्ट के अनुसार कई बड़े स्टेडियमों ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया है।

इनमें अरुण जेटली स्टेडियम, सवाई मानसिंह स्टेडियम, डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम, भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी एकाना क्रिकेट स्टेडियम, राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और बाराबती स्टेडियम शामिल हैं। हैदराबाद स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की ओर से अधिवक्ता ने तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आश्वासन दिया है, जबकि अन्य स्टेडियमों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इस पर अधिकरण ने गंभीर चिंता व्यक्त की।
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एनजीटी ने सीजीडब्ल्यूए को निर्देश दिया है कि सभी संबंधित स्टेडियमों को आदेश की सूचना तुरंत दी जाए। इन स्टेडियमों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया है कि आदेशों का पालन नहीं करने के कारण उनकी गतिविधियों पर रोक क्यों न लगाई जाए।
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