एक ओर जहां दिल्ली सरकार कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के चलते राजधानी में मरीजों के लिए बेड बढ़ाने के लिए जगह की तलाश कर रही है, वहीं अब भी दिल्ली के सात अस्पतालों के 2800 बेड उसकी नजर से दूर हैं। ये अस्पताल दिल्ली नगर निगम द्वारा चलाए जाते हैं, जिनका दावा है कि आप सरकार ने हमें समर्थन नहीं दिया है।
हालांकि निगम के इस दावे को गलत बताते हुए सरकार ने कहा है कि निगमों की इच्छाशक्ति में ही कमी है। दिल्ली के तीनों नगर निगम मिलकर आठ अस्पताल चलाते हैं। इनमें से सिर्फ एक तिलक नगर सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल को ही कोविड अस्पताल घोषित किया गया है।
निगम और सरकार के अधिकारियों का कहना है कि उत्तरी निगम के 980 बेड वाले हिंदु राव अस्पताल को कोविड-19 अस्पताल बनाने को लेकर बात चल रही है। अस्पताल के एक वरिष्ठ कहा कहना है कि, सामान्य रूप से एक अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाने में चार-पांच दिन लगते हैं। पूरी बिल्डिंग को सैनिटाइज करना पड़ेगा और जो मरीज अस्पताल में भर्ती होते हैं उन्हें दूसरे अस्पताल में भर्ती कराना होता है, आइसोलेशन वार्ड बनाना पड़ता है और वेंटिलेटर की भी व्यवस्था करनी होती है। हमें उम्मीद है कि 18 जून तक कोविड के मरीजों के लिए अस्पताल तैयार हो जाएगा।