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दरगाह में दर्दनाक हादसा: बेटी की शादी के लिए मन्नत मांगने गई थीं मीना, घर में शांति के लिए पहुंचीं थीं अनीता

Sun, 17 Aug 2025 03:38 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

Mother Daughter Death News Delhi: दिल्ली स्थित हजरत निजामुद्दीन इलाके में शुक्रवार दोपहर बारिश के दौरान हुमायूं के मकबरे के नजदीक मौजूद पत्ते शाह की दरगाह के दो कमरों की छत और दीवार ढहने से अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को एलएनजेपी अस्पताल में नवादा बिहार निवासी आबिद (37) ने दम तोड़ दिया। एम्स ट्राॅमा सेंटर में भर्ती चार लोगों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। शुक्रवार को हुए हादसे में तीन महिलाओं समेत कुल छह लोगों की मौत हुई थी। इनमें मां-बेटी भी शामिल थीं। 
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delhi vasant kunj tragedy - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हर माता-पिता की चाहत होती है कि उसकी बेटी को अच्छा वर मिले और उनके बच्चों की समय से शादी हो जाए। कुछ ऐसी ही मनोकामना लेकर मीना अरोड़ा पत्ते शाह की दरगाह में पहुंची थीं लेकिन शायद भगवान को कुछ और ही मंजूर था।
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दोनों मां-बेटी की हादसे में मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को एम्स ट्रॉमा सेंटर में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिए। दोपहर बाद उनके वसंत कुंज स्थित घर से मां-बेटी की अर्थी उठी तो लोगों की आंखों से आंसू छलक उठे।

बड़ी बेटी प्रिया तो रोते-रोते कह रही थीं, मां उसे बिल्कुल अकेला छोड़कर चली गईं। प्रिया कह रही थी कि मां गुरुद्वारे जाने की बात कहकर निकली थीं। एक परिजन ने बताया कि 25 साल की मोनुष्का की शादी के लिए मीना परेशान रहती थीं। वह चाहती थीं कि अच्छा वर मिले।
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इसके लिए हर चौखट पर मत्था टेकने जाती थीं। शुक्रवार दोपहर वह मोनुष्का को लेकर दरगाह पहुंचीं। वहां पहुंचने पर बारिश होने लगी तो वहीं कमरे में रुक गईं। 

इस बीच वह हादसे का शिकार हो गईं। शाम को प्रिया के पास पुलिस की कॉल पहुंची और हादसे की सूचना देकर उनको फौरन एम्स बुलवाया। वहां पहुंचने पर बहन व मां की मौत का पता चला। प्रिया ने बताया कि इनके परिवार में एक छोटा भाई ही बचा है।

 

पत्नी का इलाज करवाने पहुंचे थे बुजुर्ग, खुद की चली गई जान
मलकागंज निवासी बुजुर्ग स्वरूप चंद की पत्नी रानी की टांगों में परेशानी है। उनको चलने में खासी दिक्कत होती है। उनके जानकार ने बताया था कि पत्ते शाह की दरगाह पर जाकर वह वहां का पत्ता खाएंगी और इलाज करवाएंगी तो ठीक हो जाएंगी। 

इसी आस में स्वरूपचंद अपनी पत्नी को लेकर दरगाह पहुंचे और हादसे का शिकार हो गए। हादसे में बुजुर्ग स्वरूपचंद की मौत हो गई जबकि पत्नी रानी एम्स ट्रॉमा सेंटर में जिंदगी के लिए जंग लड़ रही हैं। हालत नाजुक बनी हुई है। स्वरूप चंद के भांजे सुनील ने बताया कि मामा-मामी ने दवाई ले भी ली थी, वह बारिश रुकने का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान वह हादसे का शिकार हो गए।

मौलाना से मिलने पहुंचे थे मोइनुद्दीन
हादसे में जान गंवाने वाले मोइनुद्दीन जामिया नगर के जाकिर नगर में रहते थे। परिवार में पत्नी व दो बच्चे हैं। शुक्रवार को इनको दरगाह के मौलाना से मिलना था। नमाज के बाद वह दोस्त के साथ दरगाह पहुंचे। दोस्त किसी काम से बाहर रुक गया। मोइनुद्दीन अंदर चले गए। उस समय दोपहर के साढ़े तीन बजे थे। अभी वो मौलाना से मिलने का इंतजार कर रहे थे कि हादसा हो गया और वह मलबे के नीचे दब गए। 

 

घर में शांति के लिए दरगाह पहुंचीं थीं अनीता
अनीता सैनी जंगपुरा के भोगल में रहती थीं। परिवार में दो बेटे, बहू व पोता शामिल है। पति की कोविड के दौरान मौत हो गई थी। अनीता की बहन मंजू ने बताया कि पति की मौत के बाद घर में झगड़े हो रहे थे। अनीता इससे परेशान हो चुकी थीं। वह चाहती थीं कि घर में शांति हो जाए। 

 
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किसी के बताने पर वह दरगाह पहुंची थीं। उनका यहां आना-जाना शुरू हो गया। शुक्रवार को दर्शन के बाद मौलाना ने ताबीज देने बुलाया था। मत्था टेकने के बाद वह इंतजार कर ही रहीं थीं कि अचानक छत और दीवार गिर गई और वह हादसे का शिकार हो गईं।
 
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