वायु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम
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ठंड के आगाज के साथ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण की स्थिति और खराब हो गई है। हवा की गति मंद होने, पराली जलाने की घटनाएं बढ़ने और सुबह-शाम गिरने वाली ओस ने हालात बिगाड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है। दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) रविवार को 325 रहा, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। यह राजधानी में इस सीजन का सर्वाधिक एक्यूआई था। एनसीआर में सबसे गंभीर स्थिति ग्रेटर नोएडा में रही, जहां एक्यूआई 344 दर्ज किया गया।
देश में सबसे अधिक 380 एक्यूआई हरियाणा के कैथल में दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, मौसम में बदलाव व पराली का धुआं घुलने से दीपावली से पहले ही हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अभी सुधार की संभावना नहीं है। बुधवार तक कमोबेश यही हालत रहेगी। वहीं, वायु प्रदूषण की सबसे खराब स्थिति हरियाणा में है। कैथल के अलावा सोनीपत में एक्यूआई 367, जींद में 354, बहादुरगढ़ में 348, रोहतक में 316 व फरीदाबाद में 309 दर्ज किया गया। पंजाब के बठिंडा में एक्यूआई 328 रहा। लुधियाना व पटियाला की हवा भी खराब की श्रेणी में रही।
पंजाब में 1068 जगह पराली जली : रविवार को सीजन का रिकॉर्ड तोड़ते हुए पंजाब में पराली जलाने के सबसे अधिक 1068 मामले रिपोर्ट हुए। सबसे ज्यादा 181 मामले सीएम भगवंत मान के हलके संगरूर से सामने आए। इस साल कुल मामले 5254 हो गए हैं।
एनसीआर के अन्य शहरों का हाल
- फरीदाबाद-309
- गाजियाबाद-286
- ग्रे.नोएडा -344
- नोएडा-281
- मेरठ-239
- हापुड़-272