- सिरसा ने दो मई, 2013 में कांग्रेस कार्यालय के पास कथित तौर पर पूर्व सांसद सज्जन कुमार के खिलाफ अनधिकृत विरोध प्रदर्शन किया था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने 2013 के विरोध प्रदर्शन मामले में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा समेत 10 आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। आरोप है कि सिरसा ने दो मई, 2013 में कांग्रेस कार्यालय के पास कथित तौर पर पूर्व सांसद सज्जन कुमार के खिलाफ अनाधिकृत विरोध प्रदर्शन किया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने लगभग 600 लोगों के साथ मिलकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस मामले में मई 2013 में तुगलक रोड पुलिस थाना में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल ने आदेश सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष न तो यह साबित कर पाया कि आरोपियों का जमावड़ा एक गैरकानूनी सभा थी और न ही यह तथ्य कि उन्हें सीआरपीसी की धारा 144 (निषेधाज्ञा) के तहत आदेश जारी होने के मद्देनजर तितर-बितर होने का आदेश दिया गया था। सरकारी बस की खिड़की के शीशे तोड़ने के अपराध के संबंध में अदालत ने कहा कि यह स्थापित हो चुका है कि नुकसान भीड़ के कारण हुआ। इस मामले के अन्य आरोपी मनजीत सिंह जीके, ओंकार सिंह थापर, कुलदीप सिंह भोगल, मनदीप कौर बख्शी, अवतार सिंह हित, हरजीत सिंह, हरमीत सिंह कालका, तेजिंदर पाल सिंह गोल्डी और बलजीत कौर थे।