मेट्रो स्टेशन अपनी जरूरत की बिजली का खुद उत्पादन करेंगे। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी), द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन पर ‘रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट’ लगाने जा रहा है।
सोलर प्लांट की उत्पादन क्षमता 5 सौ किलोवॉट की होगी। प्लांट से पैदा होने वाली बिजली से मेट्रो स्टेशन के अंदर प्रयोग होने वाली लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियां, कंप्यूटर, ऑफिस से लेकर कॉरिडोर व प्लेटफार्म की लाइटें जलेंगी। ट्रायल योजना सफल रही तो मेट्रो प्रबंधन फेज तीन लाइन के सभी मेट्रो स्टेशनों को इसी तरह रोशन करेगा।
डीएमआरसी, सोलर पावर प्लांट से पैदा होने वाली बिजली का इस्तेमाल करने वाला देश का पहला पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम होगा।
मेट्रो के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, कॉरपोरेट कम्युनिकेशन अनुज दयाल के मुताबिक छह महीनों के अंदर मेट्रो स्टेशन की ऊपरी छत पर ‘रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट’ स्थापित किया जाएगा। प्लांट लगाने का खर्चा कंपनी उठाएगी और प्रयोग की जाने वाली बिजली का खर्च डीएमआरसी वहन करेगा।
यह रेस्को मॉडल के तहत दिल्ली-एनसीआर में सबसे बड़ा रूफ टॉप प्लांट होगा। योजना सफल रहने के बाद डीएमआरसी फेज तीन लाइन के स्टेशन समेत डिपो, पार्किंग एरिया व आवासीय परिसरों में भी ऐसे प्लांट लगाने की संभावना खोजेगा।