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Delhi : मेट्रो स्टेशन...यहां सुरक्षा भगवान भरोसे, अधिकारियों ने गोकुलपुरी हादसे से नहीं लिया सबक

Sat, 10 Feb 2024 06:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा राकेश शर्मा, नई दिल्ली

सार

अमर उजाला संवाददाता ने शुक्रवार को कई मेट्रो स्टेशनों का जायजा लिया तो कई खामियां सामने आईं।
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बीम की जर्जर हालत... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन पर बृहस्पतिवार को हुए हादसे के बाद भी लापरवाही बदस्तूर जारी है। अमर उजाला संवाददाता ने शुक्रवार को कई मेट्रो स्टेशनों का जायजा लिया तो कई खामियां सामने आईं। ब्लू लाइन समेत दूसरे लाइनों के मेट्रो स्टेशनों पर इन दिनों मरम्मत का काम चल रहा है। इस दौरान कई जगह सुरक्षा उपकरण नहीं लगाए गए हैं। वहीं, कुछ स्टेशनों पर सुरक्षा के लिए जाल व अन्य की व्यवस्था की गई है जो आधी-अधूरी है। ऐसे में हादसों की आशंका है।

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नवादा मेट्रो स्टेशन पर मरम्मत का काम चल रहा था। इसके लिए कुछ जगहों पर टूट-फूट होती दिखी, लेकिन इससे बचाव के लिए कोई जाल या उपकरण नहीं लगाए थे। जनकपुरी वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर भी मरम्मत का काम चल रहा था। यहां कुछ जगहों पर जाल लगा था, लेकिन सड़क के ऊपर से गुजर रहे काफी हिस्से पर कोई जाल नहीं लगा हुआ था। ऐसे में सड़क से गुजर रहे वाहन चालकों पर खतरा बना हुआ था।

तार में फंस रहे लोग पानी के पाइप टूटे
राजौरी गार्डन मेट्रो स्टेशन के पास पिलर नंबर 385 पर तार काफी बाहर निकला हुआ है। अक्सर जल्दी में सड़क पार करते हुए लोग इसमें फंस जाते हैं। वहीं, कई मेट्रो स्टेशनों पर बारिश के पानी की निकासी के लिए लगाए गए पाइप टूटे हुए हैं। इससे पानी सीधे सड़कों पर गिरता है जो दोपहिया चालकों को चोटिल कर देता है। कई बार पानी के भार के कारण पाइप नीचे भी गिर जाते हैं। 
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आठ स्टेशनों तक खुला रहा आपातकालीन निकास द्वार
ब्लू लाइन पर एक मेट्रो शुक्रवार को आपातकालीन निकास द्वार खोलकर चली। इस दौरान राजौरी गार्डन से करोल बाग मेट्रो स्टेशन के बीच यह द्वार आठ स्टेशनों तक खुला रहा। मेट्रो में सफर कर रहे यात्रियों ने बताया कि सुबह करीब 11:08 बजे अचानक राजौरी गार्डन पर ट्रेन के पीछे स्थित आपातकालीन निकास द्वार खुल गया। इससे सभी यात्री डर गए और गेट से दूर हो गए। करोल बाग मेट्रो स्टेशन पर गेट बंद किया गया। यदि कोई व्यक्ति उस केबिन में जाकर मेट्रो के परिचालन को प्रभावित करता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। 

  • वहीं, इस घटना के संबंध में दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों ने बताया कि मेट्रो जिस तरफ से चलती है उसी दिशा का केबिन काम करता है। ऐसे में यदि गेट खुला रहा जाता है तो कोई दिक्कत नहीं है। चालक की स्क्रीन पर इसकी सूचना होती है। 

पिंक लाइन के एलिवेटेड स्टेशनों पर लगे पैरापैट का होगा निरीक्षण
दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन पर गोकुलपुरी स्टेशन पर हुए हादसे के बाद मेट्रो प्रशासन सख्त हो गया है। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार ने शुक्रवार को गोकुलपुरी में हुई घटना के संबंध में सभी संबंधित विभागों के प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक की। 

प्रबंध निदेशक ने निर्देश जारी किए कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए पिंक लाइन पर सभी एलिवेटेड स्टेशनों पर लगाए गए पैरापेट का विस्तार से निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी स्टेशन पर किसी सुधारात्मक कार्रवाई की आवश्यकता है, तो उसे संबंधित स्थलों की स्थिति के आधार पर विस्तृत विधि विवरण बनाने के बाद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर स्टेशनों पर कोई सुधारात्मक कार्रवाई की जानी है, तो कार्य करते समय यात्रियों और लोगों को कम से कम असुविधा होनी चाहिए। सभी आवश्यक सुरक्षा सावधानियां पर्याप्त रूप से बरती जानी चाहिए।

सभी लाइनों के स्टेशनों की हुई जांच
गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन हादसे में घायल हुए चारों मरीज जीटीबी अस्पताल से चले गए। डॉक्टरों का कहना है कि एक मरीज की हालत गंभीर थी। उसकी सर्जरी होनी थी, लेकिन उसने जीटीबी अस्पताल में सर्जरी करवाने से मना कर दिया। इसके अलावा दो अन्य मरीज भी अपनी मर्जी से चले गए। वे कम घायल थे, जबकि चौथे मरीज की अस्पताल से छुट्टी हो गई है।

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