दिल्ली मेट्रो रेल काॅरपोरेशन रविवार को 21 वां स्थापना दिवस मना रहा है। 1995 में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की स्थापना वर्ल्ड क्लास मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम के तहत हुई थी।
1998 में दिल्ली मेट्रो का निर्माण कार्य शुरू हुआ। 2002 में दिलशाद गार्डन से रिठाला के बीच चलने वाली रेड लाइन पर पहली ट्रेन शाहदरा से तीस हजारी मेट्रो स्टेशन के बीच दौड़ी।
स्थापना के 21 सालों में आठ किलोमीटर से शुरू हुआ सफर आज 190 किलोमीटर का दायरा राजधानी के साथ एनसीआर तक फैल चुका है। वहीं, यात्रियों का आंकड़ा प्रतिदिन 28 लाख के पार कर चुका है।
2021 तक दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन दुनिया के टॉप थ्री मेट्रो में शुमार हो जाएगी। इसका नेटवर्क शंघाई और लंदन से भी बड़ा होगा।
फिलहाल, मेट्रो पब्लिक ट्रांसपोर्ट में निश्चित क्षेत्र में सबसे ज्यादा यात्रियों को लेकर चलने के मामले में पहले ही दुनिया में नंबर वन बन चुकी है।
जल्द पार करेगा 40 लाख का आंकड़ा
अगले पांच साल में तक इसका नेटवर्क करीब साढ़े चार सौ किलोमीटर से अधिक लंबा होगा। मेट्रो 2016 तक 320 किलोमीटर तक के दायरे में सेवाएं देने शुरू कर देगा।
उम्मीद है कि मेट्रो फेस थ्री में यात्रियों का आंकड़ा लगभग 40 लाख पार कर जाएगा। फेस फोर में 104 किलोमीटर का दायरा बढ़ेगा। इसके अलावा एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो लाइन का विस्तार ग्रेटर नोएडा तक किया जाना संभावित है।
इस प्रकार दिल्ली मेट्रो का दायरा एक्सप्रेस लाइन के विस्तार के बाद लगभग पांच सौ किलोमीटर तक पहुंच जाएगा। फेज थ्री व फोर के अंतर्गत चलने वाली मेट्रो के कोच अति आधुनिक होंगे।
दूसरी ओर मेट्रो फेज थ्री के अलावा मेट्रो फेज एक व दो के मुख्य स्टेशन समेत इंटरचेंज में यात्रियाें की सुरक्षा के लिहाज से शीशे की दीवार लगेगी।
प्रदूषण से ऑफ ट्रैक नहीं होगी
देश में बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते अब मेट्रो ऑफ ट्रैक नहीं होगी। क्योंकि केंटीलिवर ओएचई ब्रैक्रेट का मैटीरियल बदल दिया है। अब गैलवनाइज्ड की बजाय केंटीलीवर ओएचई ब्रैकेट एल्यूमिनियम के होंगे।
दिल्ली मेट्रो अपने प्रोजेक्ट में ट्विन प्री स्ट्रेस्ड प्री कॉस्ट यू गाडर (पिलर बनाने के बाद सीधे बड़े-बड़े अन्य स्थानों पर तैयार गाडर रख दिए जाते हैं )का प्रयोग करेगी। इसकी शुरुआत गाजियबाद और लखनऊ मेट्रो कॉरिडोर से की जा रही है।
दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन की जीपीएस से लैस आधुनिक फीडर बस सुविधा भी यात्रियों को दे रहा है। 419 बसों को डीएमआरसी दिल्ली के विभिन्न रूटों पर चलाएगा, जिससे यात्रियों को सीधे एक लाइन से दूसरी लाइन से जुड़ने काम का मौका मिलेगा। इसमें पांच, दस व पंद्रह रुपये का डीटीसी बस की तर्ज पर किराया लिया जा रहा है।
डीटीसी-मेट्रो कॉमन टिकटिंग
आने वाले दिनों में डीटीसी बसों और दिल्ली मेट्रो के बीच कॉमन टिकटिंग की सुविधा शुरू हो जाएगी। इसमें दिल्ली मेट्रो का स्मार्ट कार्ड बसों में भी प्रयोग होगा।
इसी के तहत दिल्ली मेट्रो के स्मार्ट कार्ड को एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो लाइन में जोड़ दिया गया है। यानी बार-बार यात्रियों को टिकट लेने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा।
मेट्रो फेज तीन में ऑटोमेटिक ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (एटीपी) की जगह बल्कि कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (सीबीटीसी) लगाने जा रही है। ये सीबीटीसी दिल्ली मेट्रो को स्पीड के साथ-साथ फ्रीक्वेंसी बढ़ाने में मददगार सिद्ध होगा।
फेज तीन में ड्राइवर के बगैर दौड़ेगी ट्रेन
इस लाइन के चालू होने के साथ ही ड्राइवर का काम भी खत्म हो जाएगा। क्योंकि, स्पीड पूरी तरह से आटोमैटिक सेट होगी। इसमें मैनुअल स्पीड को बढ़ाने या घटाने का काम नहीं रहेगा।
मेट्रो ने यात्रियों की बिजी लाइफ व सुविधा को देखते हुए क्रेडिट या डेबिट कार्ड से रिचार्ज करने की सुविधा उपलब्ध करवाई है।
साथ ही आईसीआईसीआई बैंक की सहायता से घर या चलते-चलते कहीं से भी ऑनलाइन कार्ड को रिचार्ज कर सकते हैं। वहीं, खुले पैसे देने पर यात्रियों को टोकन लेने के लिए अलग काउंटर की भी व्यवस्था की है।