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दिल्ली मेट्रो का बैंक खाता सीज, बॉटेनिकल गार्डन पर बनी दुकानों पर होगी कार्रवाई

Fri, 08 Jun 2018 09:58 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली मेट्रो पर करोड़ों रुपये बकाये को वसूलने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। दिल्ली मेट्रो का पीएनबी बैंक का अकाउंट सीज करा दिया है। अब विभाग दूसरे खातों की तलाश कर रहा है। यदि फिर भी दिल्ली मेट्रो कारपोरेशन ने बकाया नहीं जमा किया तो वहां पर बनी दुकानों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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बताया जा रहा है कि दिल्ली मेट्रो कारपोरेशन को बकाया का कई बार नोटिस दिया गया। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने ड्रम(ढोल) बजवाकर चेतावनी दी। उसके बाद दिल्ली मेट्रो ने जिला प्रशासन से बकाया जमा करने को लेकर कोई बात नहीं की। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार पीएल मौर्य के नेतृत्व में बुधवार को दिल्ली स्थित पीएनबी बैंक के अकाउंट को सीज करा दिया गया।

अधिशासी अभियंता अजय कुमार ओझा ने बताया कि यदि इसके बाद भी दिल्ली मेट्रो की ओर से राशि जमा नहीं कराई जाती है तो जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा बॉटेनिकल गार्डन पर बनी दुकानों को भी सीज कराया जाएगा। चूंकि उनके सीज होने से आम जनता पर कोई असर नहीं पडे़गा।

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क्या है प्रकरण

- फोटो : जी पॉल
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सितंबर 2009 में बिजली निगम की ओर से दिल्ली मेट्रो को बिजली दी गई थी। यह बिजली सब्सिडी पर दी गई थी और उसी समय से बिल जमा कराने के लिए विभाग के अधिकारी पत्र लिख रहे हैं। मगर दिल्ली मेट्रो की ओर से केवल यूनिट का बिल जमा कराया जाता रहा है जबकि टैक्स को छोड़ दिया जाता था। यह रकम अब 9 करोड़ 70 लाख रुपये से अधिक हो गई है।

मगर मेट्रो की ओर से जब इसे जमा नहीं किया गया तो आरसी जारी करते हुए तहसील के लिए नोटिस दे दिया। जिला प्रशासन की ओर भी बिल जमा कराने के लिए कहा गया लेकिन मेट्रो ने कोई बात नहीं सुनी। इस पर विभाग के अधिकारियों ने बॉटेनिकल गार्डन पर डुगडुगी बजाकर चेतावनी दी। इसके अलावा बिजली विभाग ने बॉटेनिकल गार्डन पर जांच पड़ताल की थी तो उसमें सब्सिडी बिजली से दुकानों को कनेक्शन दिए गए थे।

जिसका 10 करोड़ 12 लाख रुपये पैनाल्टी बनाई गई थी। मगर मेट्रो की ओर से केवल 1 करोड़ 35 लाख रुपये जमा करके इतिश्री कर ली। जबकि बिजली विभाग की ओर से बाकी रकम को जमा करने के लिए कई बार पत्र लिखा जा चुका है। यदि मेट्रो की ओर से बकाया जमा नहीं किया तो इसकी भी रिकवरी नोटिस(आरसी) जारी कर दी जाएगी।
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