दिल्ली मेट्रो अब सभी लाइनों पर दौड़ रही है। सप्ताह के पहले दिन इसमें अच्छी खासी भीड़ दिखी। हालांकि सोमवार सुबह ही दो घंटे के लिए पटरियों के मरम्मत कार्य के चलते येलो लाइन पर सेवाएं बाधित रहीं। हालांकि अन्य लाइनों पर सेवाएं सामान्य रहीं। दो घंटे बाद येलो लाइन सुचारू रूप से चलने लगीं। पांच महीने बाद दिल्ली मेट्रो फिर से पटरी पर लौटी है। लॉकडाउन के बाद सात सितंबर से शुरू हुई मेट्रो में आने जाने के लिए कई नियम बनाए गए हैं ताकि सोशल डिस्टेंसिंग रखी जा सके।
आरोग्य सेतु नहीं, तो सफर से पहले करवाया जा रहा है डाउनलोड
दिल्ली मेट्रो की सभी लाइनों पर सेवाएं शुरू होने से यात्रियों को काफी राहत मिली है। सोशल डिस्टेंसिंग, फेस मास्क, थर्मल स्क्रीनिंग के अलावा अधिकतर स्टेशनों पर यात्रियों से आरोग्य सेतु एप की भी जांच की जा रही है। जिन लोगो के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड़ नहीं है उनके मोबाइल में डाउनलोड करवाया जा रहा है। मगर, ऐसे भी कुछ यात्री हैं, जिनके पास एंड्रायड नहीं है उनकी मुश्किलें बनी हुई हैं।
यात्रियों का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए सभी जांच प्रक्रिया से गुजरने के बाद भी आरोग्य सेतु में अतिरिक्त वक्त लग रहा है। अगर किसी स्टेशन के पास नेटवर्क की समस्या है तो वहां यात्रियों को और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डीएमआरसी की ओर से संक्रमण से सुरक्षा के लिए सभी एहतियातों के पालन के साथ साथ आरोग्य सेतु एप को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अगर किसी के पास नहीं है तो उनपर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
मास्क न पहनने या सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वालों के खिलाफ डीएमआरसी की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। नियमों के पालन के लिए यात्रियों को बार बार समझाया जा रहा है ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। पिछले दो दिनों के दौरान विशेष अभियान के तहत 206 लोगों पर 200-200 रुपये का जुर्माना हो चुका है।
वरिष्ठ नागरिकों की सीटें खाली
कोरोना काल में संक्रमण से बचाव के लिहाज से अधिक उम्र के यात्री मेट्रो में सफर नहीं कर रहे हैं। ऐसे में कोच में वरिष्ठ नागरिकों के लिए नियत अधिकतर सीटें खाली हैं। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए वरिष्ठ नागरिक भी न केवल मेट्रो बल्कि दूसरे परिवहन साधनों से भी सफर बच रहे हैं।