गोल मार्केट को अब नई दिल्ली संग्रहालय के रूप में पहचाना जाएगा। इस तब्दीली के बाद गोल मार्केट ब्रिटिश काल से नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् के आस्तित्व में आने तक की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व की झलक पेश करेगा।
विरासती और ऐतिहासिक महत्व की चीजें संग्रहालय में रखी जायेंगी। इससे दिल्ली आने वाले पर्यटक व भावी पीढ़ियां दिल्ली के संस्कृति से दो-चार सकेंगी। दरअसल, एनडीएमसी प्रशासन गोल मार्केट से पुनर्निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।
योजना पूरे इलाके को संग्राहलय में तब्दीक करने की योजना है। इसमें स्वतंत्रता पूर्व व आजाद भारत की सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक व राजनैतिक हालातों को बताती कलाकृतियों, तस्वीरों समेत स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़ी चीजों को चित्रण होगा।
वहीं, अध्यापकों, वयस्कों, युवाओं और महिला संगठनों को विचारों के आदान-प्रदान के लिए संवाद केंद्र भी बनेगा। इसके अलावा संग्रहालय में सेंट्रल फूड कोर्ट भी होगा। इसकी देखरेख और बेहतर रखरखाव के लिए इमारत को नियमित तौर पर रिपोर्ट तैयार करवाई जायेगी।
एनडीएमसी अध्यक्ष नरेश कुमार के मुताबिक, गोल मार्केट के पुनर्निर्माण का प्रोजेक्ट तैयार है। अगले साल सितंबर तक इसे पूरा कर लिया जायेगा। सांस्कृति व एतिहासिक विरासत की झलक देने के साथ यहां लोगों को खुला संवाद बनाने का मौका भी दिया जायेगा।
वहीं, कनॉट प्लेस की तरह गोल मार्केट में भी एक मार्केट विकसित की जायेगी। यहां से नई दिल्ली में रहने वाले लोग रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं की खरीद सकेंगे।